गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 07 -- हाल ही में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए संभावित नुकसान के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्वे टीमों का गठन किया है। इन टीमों का उद्देश्य रबी सीजन 2025-26 की अधिसूचित फसलों में हुई क्षति का सटीक आकलन करना और पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिलाना है।
मंगलवार को समीक्षा बैठक कर जिलाधिकारी ने बताया कि, प्रत्येक राजस्व ग्राम स्तर पर गठित सर्वे टीम में लेखपाल, कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी, प्राविधिक सहायक, एटीएम/बीटीएम तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। किसानों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया गया है, जहां वे फसल नुकसान से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
तहसील सदर के ग्राम पंचायत इनायतपुर में जिलाधिकारी ने गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान निर्धारित मानक दस गुणा, दस गुणा, दस गुणा त्रिकोण मीटर क्षेत्रफल में फसल कटाई कर उत्पादन का परीक्षण किया गया।
किसान युगल कौशल की भूमि (गाटा संख्या दो सौ पीचासी ) पर बाईस दशमलव दो सौ तीस किलोग्राम तथा किसान राजेंद्र की भूमि (गाटा संख्या चार सौ चार) पर बाईस दशमलव नौ सौ किलोग्राम उपज दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोग फसल उत्पादन के सटीक आकलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे किसानों को बीमा और अन्य योजनाओं का सही लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत निर्यात क्लस्टर निर्माण की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जिले में पहले से एक बासमती धान क्लस्टर गठित किया जा चुका है, जबकि हरनंदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के नए क्लस्टर प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।
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