रायपुर , मई 09 -- ) छत्तीसगढ़ के रायपुर के टिकरापारा नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आज आयोजित कौमुदी पथ संचलन तेज बारिश और गरज-चमक के बीच अनुशासित रूप से सम्पन्न हुआ।
प्रतिकूल मौसम के बावजूद स्वयंसेवकों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूर्ण गणवेश में पथ संचलन जारी रखा। निर्धारित समय पर जैसे ही संचलन प्रारंभ हुआ, उसी दौरान बारिश तेज हो गयी। इसके बावजूद स्वयंसेवकों ने अनुशासन और समय पालन का परिचय देते हुए कदमताल जारी रखा। संचलन के दौरान मार्ग पर उपस्थित नागरिकों ने भी दृश्य को देखा और कई स्थानों पर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान घोष वादन के साथ स्वयंसेवकों ने नगर के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी भी मौके पर उपस्थित रहे। कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा स्वयंसेवकों के अनुशासन और समन्वय की सराहना किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख संजय तिवारी ने कहा कि शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में संगठन, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं की भूमिका राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में लगभग 70 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इसके अलावा संघ के अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी व्यवस्थाओं में शामिल रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित कौमुदी पथ संचलन एक रात्रिकालीन अनुशासित संचलन होता है, जो सामान्यतः पूर्णिमा के आसपास आयोजित किया जाता है। इसमें स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में घोष वादन के साथ पथ संचलन करते हैं। इसका उद्देश्य अनुशासन, संगठन और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना बताया जाता है।
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