बैतूल , सितंबर 14 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में शनिवार और रविवार दोपहर अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई। रानीपुर क्षेत्र में तेज आंधी, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश के कारण रानीपुर, कुही, हीरावाड़ी, मेहकार, मयावनी और जांगड़ा सहित आसपास के गांवों में खेतों में खड़ी मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार कई खेतों में पककर तैयार हो रही फसल जड़ से उखड़कर जमीन पर बिछ गई।
प्रभावित किसानों ने सैकड़ों एकड़ में फसल को नुकसान होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि फसल अच्छी स्थिति में थी और इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन अचानक आई तेज आंधी से फसल बर्बाद हो गई।
हीरावाड़ी के किसान सीताराम पटेल और विष्णु बघेल ने बताया कि मक्का की फसल अच्छी खड़ी थी। शनिवार दोपहर अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते खेतों में खड़ी फसल आड़ी हो गई। मयावनी के किसान इंद्रजीत मालिया ने कहा कि फसल बर्बाद होने से खेती में लगी लागत निकालना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। कुही के किसान कन्हैया वर्मा ने भी तेज हवाओं और बारिश से मक्का की बड़ी फसल के खेतों में गिरने की बात कही।
बारिश के बाद खेतों में पानी भरने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। जमीन पर गिरी मक्का की फसल में नमी बढ़ने से भुट्टों के सड़ने और दाने खराब होने का खतरा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द फसल के नुकसान का आकलन नहीं किया गया तो आर्थिक क्षति और बढ़ सकती है।
प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से रानीपुर क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। किसानों ने पटवारी और कृषि विभाग की संयुक्त टीम को खेतों में भेजकर नुकसान का आकलन कराने तथा नियमानुसार राहत और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
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