पटना , मई 27 -- बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का बिहार में अपराधियों के विरुद्ध हो रही कार्रवाई को 'जाति देखकर कारवाई' बताना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और तथ्यहीन है।

श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि श्री तेजस्वी का यह बयान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उस मानसिकता को दर्शाता है, जिसने 15 साल तक बिहार को 'जंगलराज' में धकेले रखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार पुलिस 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है। गोली अपराधी चलाता है, पुलिस जवाब देती है। पुलिस की गोली जाति-धर्म पूछकर नहीं चलती। रंगदारी, हत्या, लूट करने वाला किसी भी जाति का हो, कानून का डंडा सब पर बराबर चल रहा है।

श्री पांडेय ने कहा कि जिस पार्टी के शासन में (राजद) अपहरण उद्योग बन गया था, व्यापारी पलायन कर गए थे। थानों से प्राथमिकी तक नहीं लिखी जाती थी, वो आज पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से पहले 'जाति' देखकर पीड़ित तय होते थे। मदद नहीं मिलती थी। आज 'डायल-112' 15 मिनट में पहुंच रही है, वो भी बिना जाति पूछे। बिहार सरकार ने साफ किया है कि न किसी को फंसाया जाएगा, न किसी अपराधी को बख्शा जाएगा। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए 'व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ', महिलाओं के लिए 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' और हर जिले में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन हुआ है।

पूर्व मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि अपराधी का कोई धर्म-जाति नहीं होती। बिहार अब 1990 का दौर नहीं देखना चाहता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार 'कानून का राज' स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता सब देख रही है और 2025 में जवाब भी दे चुकी है। उन्होंने कहा कि राजद को आत्ममंथन करना चाहिए कि क्यों जनता ने उन्हें नकार दिया। बिहार अब 'सुशासन' के साथ है, 'कुशासन' के साथ नहीं।

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