पटना , मार्च 17 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक प्रेमरंजन पटेल ने राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार की हार के बाद मंगलवार को कहा कि तेजस्वी यादव को हार की जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल प्रभाव से बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए।
श्री पटेल ने आज बयान जारी कर कहा कि राज्यसभा चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव और उनके नेतृत्व की वास्तविकता सामने आ गई है। राजद ने जिस प्रकार बिना पर्याप्त संख्या बल के उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया, वह न केवल उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचायक है बल्कि जनता और अपने ही विधायकों को भ्रमित करने का प्रयास भी है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी यादव ने लगातार बड़े-बड़े दावे किए और बिहार चुनाव के समय सरकार बनाने की तारीख, समय और स्थान तक घोषित कर दिया था और इस बार राज्यसभा चुनाव के समय भी उनके दावों की पोल खुल गई। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि उनके पास न तो ठोस रणनीति है और न ही अपने विधायकों का विश्वास।
श्री पटेल ने कहा कि एक राजद के एक भी विधायक का समर्थन कम हो जाये, तो विपक्ष के नेता के रूप में बने रहने के लिए आवश्यक संख्या भी उनके पास नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में हार केवल राजनीतिक नहीं है और इससे उनके नेतृत्व पर भी सवाल खड़ा हो गया है। उनके दल के भीतर हीं असंतोष और अविश्वास की स्थिति बन चुकी है, जो लगातार सामने आ रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में नैतिकता और जवाबदेही सर्वोपरि होती है। जब कोई नेता अपने विधायकों का विश्वास खो देता है और बार-बार जनता को भ्रमित करता है, तो उसे अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि श्री यादव के लिए यह समय आत्ममंथन का है, न कि भ्रम फैलाने का। बिहार की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब अवश्य देगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित