मुंबई , जून 25 -- महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन को बुधवार रात उस समय एक बड़े आंतरिक संकट का सामना करना पड़ा, जब उसके 23 विधायक राज्य विधानमंडल के जारी मानसून सत्र के लिए विपक्ष की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए।
वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति ने गठबंधन के आंतरिक समन्वय और एकजुटता को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज कर दी हैं। महा विकास अघाड़ी के सूत्रों ने संकेत दिया है कि शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है और गठबंधन सहयोगियों के बीच तालमेल के स्तर पर सवाल उठाये हैं।
अनुपस्थित रहे 23 विधायकों में से 16 के नामों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें कांग्रेस नेता नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जयंत पाटिल जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। इस सूची में कांग्रेस विधायक अमित देशमुख, असलम शेख, विश्वजीत कदम और विकास ठाकरे; राकांपा (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार, संदीप क्षीरसागर और अभिजीत पाटिल; तथा शिवसेना (यूबीटी) के विधायक सुनील राउत, गजानन लवाटे, बाबाजी काले, राहुल पाटिल और संजय दरेकर भी शामिल हैं।
अपनी अनुपस्थिति पर सफाई देते हुए राकांपा (एसपी) के नेता जयंत पाटिल ने कहा, "यह बैठक पहले 23 तारीख को होनी थी, लेकिन अचानक इसे बदलकर 24 तारीख कर दिया गया। इस दिन मेरे कुछ विवाह समारोहों में शामिल होने के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम थे, और मैंने इस बारे में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे को पहले ही सूचित कर दिया था।"कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अपनी अनुपस्थिति के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, जबकि नाना पटोले ने इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार बताया।
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