चंद्रपुर , मई 22 -- महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में सिंदेवाही तालुका के एक वन क्षेत्र में शुक्रवार को तेंदू पत्ते एकत्र कर रही महिलाओं पर बाघ ने हमला कर दिया जिससे चार महिलाओं की मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना गुंजेवाही-पवनपार वन क्षेत्र में उस समय हुई , जब गांव की 13 महिलाएं सुबह-सुबह तेंदू पत्ते इकट्ठा करने के लिये वन क्षेत्र में गई थीं। गर्मियों के मौसम में ग्रामीण परिवारों के लिये तेंदू पत्ते एकत्र करना आय का एक प्रमुख साधन बन जाता है। ये महिलाएं घने जंगल के भीतर पत्ते इकट्ठा कर रही थीं, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में चार महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि अन्य महिलाओं ने मदद के लिए चिल्लाते हुए जंगल से बाहर भागकर अपनी जान बचायी।

इस घटना की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी। महिलाओं पर बाघ के हमले की खबर सुनकर ग्रामीण तुरंत जंगल की ओर दौड़े। मृतकों की पहचान कविता दादाजी मोहुर्ले (45), अनीता दादाजी मोहुर्ले (46), संगीता संतोष चौधरी (40) और सुनीता कौशिक मोहुर्ले (33) के रूप में हुई है।

वन अधिकारी पुलिस कर्मियों के साथ बाद में मौके पर पहुंचे और पंचनामा की कार्रवाई शुरू की।

अधिकारियों ने कहा कि यह घटना महाराष्ट्र में इस तरह के दुर्लभतम मामलों में से एक हो सकती है, जिसमें बाघ के हमले में एक साथ चार लोगों की जान गई है।

घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय निवासियों के वन क्षेत्र के पास इकट्ठा होने से गुंजेवाही गांव में तनाव फैल गया। वन अधिकारियों ने गश्त तेज कर दी है और निवासियों को सलाह दी है कि वे तेंदू पत्ता इकट्ठा करने के मौसम के दौरान अकेले जंगल के भीतरी इलाकों में न जाएं।

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