बैतूल , मई 5 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आयोजित तेंदूपत्ता संग्रहण एवं विपणन अनुबंध संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला में ग्राम स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और संवाद मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में अधिकारियों और समन्वयकों ने कहा कि ग्राम के प्रत्येक मतदाता की बात सुनना और समझना आवश्यक है, ताकि ग्राम सभाएं अधिक प्रभावी बन सकें। उन्होंने ग्रामीणों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तेंदूपत्ता संग्रहण की प्रक्रिया, विपणन व्यवस्था और अनुबंध से जुड़ी जानकारी दी गई। साथ ही पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं की भूमिका और अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्राम सभा को सशक्त बनाने के लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।
कार्यशाला में पेसा ब्लॉक समन्वयक शंकरलाल चौहान, रिंकू परते, मानिक कुमरे सहित वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्राम सभा निधि के सदस्य और पेसा मोबिलाइजर्स ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
अधिकारियों ने लोगों से गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संवाद और सहभागिता के माध्यम से ही ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है।
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