बीजापुर , जून 01 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर वनमंडल में तेंदूपत्ता गोदाम में हुई आगजनी की घटना के बीच वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) रमेश जांगड़े के समर्थन में सामने आए हैं।
उन्होंने वन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी को दोषी न ठहराने की मांग की है।
ज्ञापन में वन अमले ने कहा कि रमेश जांगड़े के कार्यकाल में वनमंडल में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने उन्हें कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने वाला और विभागीय कार्यों का प्रभावी संचालन करने वाला अधिकारी बताया।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि तेंदूपत्ता गोदाम में आगजनी की घटना गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में चार आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा।
ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा गया है कि इससे ईमानदारी से कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित नहीं होना चाहिए। वन अमले ने विभागीय कार्यों की निरंतरता बनाये रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
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