कोंडागांव , मार्च 20 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में फरसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग पर तेंदुए की खाल की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले का वन विभाग ने पर्दाफाश करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक तेंदुए की खाल, एक ईको वाहन, एक मोटरसाइकिल तथा एक बंदूक जब्त की गई है।
वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्या और तस्करी के इस मामले में चार जिलों से नौ आरोपियों को वनमंडल केशकाल के वन अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है।
केशकाल वन मंडल अधिकारी दिव्या गौतम ने शुक्रवार को बताया कि वन विभाग को गुरुवार को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि फरसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग पर तेन्दुए की खाल बेचने लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर केशकाल वनमंडल की टीम के एक कर्मचारी ने आरोपी से खाल खरीदने का सौदा कर उसे मौके पर बुलाया। इसके बाद वनमंडलाधिकारी केशकाल के मार्गदर्शन में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम तथा केशकाल वनमंडल की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
संयुक्त टीम ने ग्राम बैलगांव के समीप बड़ेडोंगर मार्ग पर निगरानी रखी। इसी दौरान मोटरसाइकिल में दो व्यक्ति बोरी में बंधी तेंदुए की खाल लेकर पहुंचे। कुछ देर बाद उनके सहयोग के लिए ईको वाहन में पांच अन्य व्यक्ति भी वहां पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मौके पर सभी को घेराबंदी कर रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों से तेंदुए की खाल बरामद की गई। गवाहों की उपस्थिति में जब्त की कार्रवाई करते हुए प्रयुक्त ईको वाहन और मोटरसाईकिल को भी जब्त किया गया। इसके बाद सभी आरोपियों को परिक्षेत्र कार्यालय बड़ेडोंगर (फरसगांव) लाया गया, जहां आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। जांच में जब्त तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर तथा चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लगभग सात माह पहले बंदूक से शिकार कर तेंदुए की हत्या की गई थी और उसकी खाल को सुखाकर रखा गया था।
प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर वन विभाग ने आगे की पतासाजी की। इसके बाद मुख्य आरोपी सुकलूराम उसेण्डी एवं अन्य आरोपी को शुक्रवार सुबह 07:00 बजे ग्राम बोरावण्ड, थाना बेनूर जिला नारायणपुर से गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी के पास से एक भरमार बंदूक भी जब्त की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में सहगों नेताम पिता सुखधर नेताम (25) निवासी ग्राम बनचपई तहसील फरसगांव जिला कोंडागांव, शंकरलाल नेताम पिता सरादू (35) निवासी ग्राम बनचपई तहसील फरसगांव जिला कोंडागांव, हुंगा कर्मा पिता बोमड़ा कर्मा (30) निवासी ग्राम पोदुम तहसील दंतेवाड़ा जिला दंतेवाड़ा, प्रदीप कुमार वेको पिता लच्छूराम वेको (32) निवासी ग्राम बागमुण्डीपनेड़ा तहसील बांसतानार जिला बस्तर, बामन राम मण्डावी पिता बुधराम मण्डावी (22) निवासी ग्राम चोदूम तहसील दंतेवाड़ा जिला दंतेवाड़ा, सोनू कोर्राम पिता सुखराम कोर्राम (29) निवासी ग्राम चौड़गा तहसील कोंडागांव जिला कोंडागांव, संतोष कोवासी पिता माहरू राम कोवासी (27) निवासी ग्राम बागमुण्डीपनेड़ा तहसील बांसतानार जिला बस्तर तथा सुकलूराम उसेण्डी पिता सवदेर उसेण्डी (38) निवासी ग्राम बोरावण्ड तहसील नारायणपुर जिला नारायणपुर शामिल हैं।
वन मंडल अधिकारी ने यूनीवार्ता के सवालों का जवाब देते हुए बताया, "शुरुआती पूछताछ से यही लगता है कि बरामद बंदूक से ही तेंदुए की हत्या की गई है। बरामद खाल के कुछ अंश फोरेंसिक जांच के लिए देहरादून भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने दस या अधिक दिन लगते हैं फॉरेंसिक जांच से तेंदुए की उम्र,लिंग और हत्या के तरीकों के बारे में जानकारी मिलेगी।"वन मंडल अधिकारी ने बताया कि कुछ आरोपियों के पास दंतेवाड़ा जिले से भी जहां कुछ दिन पहले बाघ और तेंदुए की खाल बरामद की गई है। तस्करों और शिकारियों के बीच क्या कोई गठबंधन है यह भी जारी के जांच के दौरान जानने की कोशिश होगी। शिकारी और तस्करों के पास चूंकि एक बंदूक मिली है इसलिए भी जांच कार्य में पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।
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