बैतूल , जनवरी 20 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पिछले लगभग दो महीने से ग्रामीण इलाकों में दहशत का कारण बने दो वर्षीय नर तेंदुआ को आखिरकार सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया।

सोमवार देर शाम रामपुर-भतोड़ी डिपो के पास स्थित चिरमाटेकरी पहाड़ी पर दिनभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद यह सफलता मिली। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक विनोद वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई क्षेत्र संचालक राखी नंदा के मार्गदर्शन में तथा भौंरा रेंज के रेंजर ब्रजेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में की गई। अभियान में एसटीआर, भौंरा वन विभाग, एसडीआरएफ तथा भोपाल और रातापानी से आए वन्यजीव विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें शामिल रहीं। कुल मिलाकर 50 से अधिक वनकर्मी और चार प्रशिक्षित हाथी लगातार अभियान में जुटे रहे।

रविवार रात से ही वन विभाग का अमला तेंदुआ की तलाश में जुट गया था। सोमवार सुबह करीब 8 बजे कॉलर आईडी के माध्यम से उसकी लोकेशन मिली। हाथियों की मदद से उसे पहाड़ी क्षेत्र की ओर खदेड़ा गया, लेकिन दुर्गम भूभाग के कारण वह बार-बार नजरों से ओझल हो जाता था। इस दौरान तेंदुआ ने एक बछड़े का शिकार भी किया और उसे जंगल में छोड़कर गायब हो गया। लगातार असफल प्रयासों के बाद वन अमले ने रणनीति बदली और तेंदुआ के शिकार को पहाड़ी से नीचे खुले मैदान में रखकर डॉक्टरों की टीम ने वहीं घात लगाई।

कुछ घंटों बाद तेंदुआ अपने शिकार को लेने वापस लौटा। जैसे ही वह शिकार के पास पहुंचा, डॉक्टरों की टीम ने ट्रेंकुलाइज गन से सटीक निशाना लगाकर उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया गया। सोमवार शाम करीब 6 बजे तेंदुआ को पिंजरे में डालकर वन विहार, भोपाल भेजा गया ।

सहायक संचालक श्री वर्मा ने बताया कि यह वही तेंदुआ है, जिसे पहले भी दो बार पकड़ा जा चुका है। पहली बार पिपरिया के पास जंगल से पकड़कर इसके गले में कॉलर आईडी लगाई गई थी और फिर जंगल में छोड़ा गया। दूसरी बार सुखतवा के हिरण चापड़ा क्षेत्र से पकड़कर पुनः जंगल में छोड़ा गया था, लेकिन यह बार-बार ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आ जाता था और पहाड़ी इलाकों के कारण इसकी लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था।

16 जनवरी को भौंरा क्षेत्र में तेंदुआ ने चार वर्षीय बालक आर्यन पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पहले बैतूल में इलाज के बाद स्थानीय विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके के प्रयास से कलेक्टर द्वारा एम्बुलेंस से उसे एम्स भोपाल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था।

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