कोलकाता , जून 18 -- पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में पार्टी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और राज्य सरकार से फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।

यह बैठक राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन हुई। बातचीत के बाद, तृकां नेता और विधायक कुणाल घोष ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि बेदखली की कार्रवाई मनमाने तरीके से नहीं की जाएगी।

श्री घोष ने कहा, "हमने राज्य सरकार से फेरीवालों को हटाने के मामले में मानवीय रवैया अपनाने की अपील की है। रेलवे और राज्य सरकार के बीच सही तालमेल होना चाहिए। कोई भी कार्रवाई करने से पहले फेरीवालों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।"उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि बुलडोज़र का उपयोग अंधाधुंध नहीं किया जाएगा और पार्टी की चिंताओं पर विचार किया जाएगा।

यह बैठक इसलिए अहम थी क्योंकि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी के वफादार विधायकों और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के बीच यह पहली औपचारिक बातचीत थी। विधानसभा परिसर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री घोष ने हाल की किसी भी राजनीतिक घटना का नाम लिए बिना, पूर्व तृकां राज्यसभा सांसद रिताब्रता बनर्जी पर भी तीखा हमला किया।

श्री घोष ने कहा, "मुख्यमंत्री से मुलाक़ात का समय पाने के लिए हमें गिड़गिड़ाना नहीं पड़ा। हम चापलूसी में विश्वास नहीं करते। हम उनका समर्थन नहीं करते जो अपने नेताओं की पीठ में छुरा घोंपते हैं।"उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सहयोग किया और विधानसभा में तृणमूल विधायकों के लिए एक अलग कमरे की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया। श्री घोष ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री से मिलने का अपना समय मिलेगा, ठीक वैसे ही जैसे कांग्रेस, माकपा और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक करते हैं। हम तृणमूल कांग्रेस हैं और विपक्ष में हैं। हम एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।"उन्होंने आगे कहा कि नयी सरकार के कामकाज का आकलन करने से पहले उसे काम करने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। फेरीवालों के मुद्दे का फिर से उल्लेख करते हुए बेलेघाटा के विधायक ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने खास तौर पर छोटे व्यापारियों और सड़क किनारे सामान बेचने वालों पर बेदखली की कार्रवाई के असर को लेकर चिंता व्यक्त की।

श्री घोष ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा फिर से व्यक्त की और आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां विपक्ष आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों पर चुप रहा है, वहीं तृणमूल फेरीवालों, गरीबों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाना जारी रखेगी। यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और दोनों पक्षों ने बातचीत को रचनात्मक कहा।

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