कोलकाता , जून 02 -- तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी में पनपते मतभेद की ओर इशारा करते हुए कहा है कि पार्टी को ममता बनर्जी के हाथों से 'हाईजैक' कर लिया गया है।

ये टिप्पणियां तृणमूल कांग्रेस के भीतर संभावित विभाजन को लेकर चल रही ज़ोरदार अटकलों के बीच सामने आईं। ये अटकलें विधानसभा में हस्ताक्षर-जालसाज़ी विवाद के सिलसिले में उलुबेरिया पूर्व के विधायक श्री ऋतब्रत और एंटाली के विधायक संदीपान साहा को पार्टी से निष्कासित किये जाने के बाद शुरू हुई थीं।

श्री ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी के मौजूदा कामकाज की अपनी आलोचना और सुश्री ममता बनर्जी के प्रति अपने सम्मान के बीच अंतर स्पष्ट करने की कोशिश की।

श्री ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "ममता बनर्जी एक महान नेता हैं। सिर्फ़ इसलिये कि मुझे पार्टी से निकाल दिया गया है, इसका मतलब यह नहीं है कि उनके प्रति मेरा सम्मान कम हो गया है। ममता अब भी मेरी नेता हैं। पार्टी को ममता बनर्जी से 'हाईजैक' कर लिया गया है।"उनकी यह टिप्पणी उस दिन आई, जब सुश्री ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर यह आरोप लगा रही थीं कि वह डराने-धमकाने और दबाव बनाने की तरकीबों के ज़रिये तृणमूल कांग्रेस में दलबदल कराने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक अटकलें तब और तेज़ हो गयीं, जब भाजपा मंत्री तापस रॉय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि श्री ऋतब्रत बनर्जी लगभग 50 तृणमूल विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष के दफ़्तर पहुंचे थे।

इस दावे से ये अफ़वाहें तेज़ हो गयीं कि पार्टी के विधायकों का एक बड़ा हिस्सा पार्टी से अलग होने की तैयारी कर रहा है। श्री ऋतब्रत बनर्जी ने हालांकि इस बात को साफ़ तौर पर नकार दिया और विधायकों की ऐसी किसी भी लिस्ट की ख़बरों को ख़ारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, "कौन सी सूची? कौन से विधायक? मैं तो विधानसभा में अपने काम से आया हूं। मैं कोई सूची लेकर नहीं आया हूं। ये सब बस अफ़वाहें हैं।" भाजपा नेता श्री रॉय के एक सोशल मीडिया पोस्ट का ज़िक्र करते हुए श्री ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "मैंने तो सिर्फ़ अपनी और संदीपान की ज़िम्मेदारी ली है। बाक़ियों को अपने-अपने पोस्ट के बारे में ख़ुद ही सफ़ाई देनी होगी।"निष्कासित विधायक ने तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार आई-पैक पर भी निशाना साधा। श्री ऋतब्रत बनर्जी के अनुसार, आज की तृणमूल उस संगठन से बहुत कम मिलती-जुलती है जिसे सुश्री ममता बनर्जी ने खड़ा किया था।

उन्होंने कहा, "तृणमूल कांग्रेस का अभिषेक बनर्जी की 'कॉरपोरेट-शैली वाली पार्टी' से कोई लेना-देना नहीं है।" उन्होंने पार्टी को हाल ही में चुनावों में मिली हार पर नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया।

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