कोलकाता , मई 27 -- पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला पुलिस प्रशासन ने बीती रात से तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अनुब्रत मंडल और काजल शेख की सुरक्षा व्यवस्था घटा दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पायलट वाहन, एस्कॉर्ट व्यवस्था और उनके आवासों के बाहर सुरक्षा तैनाती वापस ले ली गई है।
बीरभूम के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक और जिला तृणमूल कोर समिति के पूर्व संयोजक श्री मंडल के बोलपुर के निचुपट्टी स्थित आवास के बाहर पहले चौबीसों घंटे पुलिस तैनात रहती थी। राजनीतिक बैठकों, पार्टी कार्यक्रमों और व्यक्तिगत यात्राओं के दौरान पुलिस कर्मी उनके साथ रहते थे। नयी व्यवस्था के तहत श्री मंडल को अब केवल एक सशस्त्र सुरक्षा गार्ड प्रदान किया जाएगा। पायलट और एस्कॉर्ट सुविधाएं भी वापस ले ली गई हैं।
इसी प्रकार हंसन के विधायक काजल शेख की सुरक्षा व्यवस्था को कम करने का फैसला किया गया है। अब उनके साथ केवल तीन सशस्त्र सुरक्षा कर्मी होंगे।
राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के सत्ता में आने के बाद पूर्व राज्य मंत्री और बोलपुर से तृणमूल विधायक चंद्रनाथ सिन्हा को भी सुरक्षा घेरे में कटौती का सामना करना पड़ा है। प्रशासन ने चंद्रनाथ सिन्हा की सुरक्षा का घेरा भी कम कर दिया है। मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उनके आवास पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, लेकिन वर्तमान में वह केवल एक विधायक हैं, इसलिए उन्हें दो सशस्त्र सुरक्षा गार्ड प्रदान किए जाएंगे।
प्रशासनिक सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद कई तृणमूल नेताओं को दी गई सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की है। तीन बीरभूम नेताओं के संबंध में नवीनतम निर्णय उसी व्यापक पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत आया है।
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