जयपुर , जून 15 -- राजस्थान में देवस्थान विभाग की महत्वाकांक्षी वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत प्रदेश के लगभग दो लाख बुजुर्गों ने अपना पंजीयन कराया है।

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को बताया कि इस यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गयी है और विभाग को इस वर्ष प्रदेशभर से भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस योजना के प्रति बुजुर्गों के भारी उत्साह को दर्शाता है।

श्री कुमावत ने बताया कि विभाग को इस बार एक लाख 14 हजार 579 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों के माध्यम से एक लाख 92 हजार 313 वरिष्ठ नागरिकों ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। कुल आवेदकों में से एक लाख 10 हजार 413 वरिष्ठजनों ने हवाई सफर के जरिए तीर्थ दर्शन करने की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 41 जिलों से बुजुर्गों ने इस योजना के तहत आवेदन किया है।

इसमें जयपुर जिला सबसे आगे रहा है, जहां से सर्वाधिक 13 हजार 63 आवेदन मिले हैं, जबकि सबसे कम फलौदी जिले से 559 आवेदन प्राप्त हुए हैं। देवस्थान विभाग इस बार भी वातानुकुलित ट्रेन के जरिए 50 हजार वरिष्ठजनों को देश के 15 प्रमुख और पवित्र तीर्थस्थलों की यात्रा कराएगा। इन स्थलों में द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ, मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या,सम्मेदशिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ, हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी-सारनाथ, कामाख्या-गुवाहाटी, गंगासागर-कोलकाता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम-मदुरई, वैष्णो देवी-अमृतसर-वाघा बॉर्डर, महाकालेश्वर, उज्जैन - ओंकारेश्वर - त्र्यंबकेश्वर - घृष्णेश्वर - एलोरा, तिरुपति - पद्मावती, बिहार-शरीफ, श्री हजूर साहिब, नांदेड़, पटना साहिब, गोवा के मंदिर एवं चर्च जैसे प्रसिद्ध मंदिर शामिल हैं।

छह हजार वरिष्ठजनों को हवाई जहाज के जरिए पशुपतिनाथ (नेपाल) के दर्शन करवाए जाएंगे। श्री कुमावत ने बताया कि बुजुर्गों को उनके द्वारा चुने गये विकल्प के आधार पर ट्रेन या हवाई जहाज द्वारा इन स्थानों पर ले जाया जाएगा।

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