महासमुंद , फरवरी 26 -- छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आज दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन पर उतर आई हैं। छत्तीसगढ़ जूझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कल्याण संघ सहित संयुक्त मंच के आह्वान पर जिले की लगभग 3600 कार्यकर्ता और सहायिकाएं हड़ताल पर हैं।
हड़ताल के चलते जिले के करीब 1800 आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला जड़ दिया गया है, जिससे नियमित सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे। कर्मचारी संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की अपील की।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि सहायिकाओं को मात्र 2250 रुपये तथा कार्यकर्ताओं को 4500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में अत्यंत अपर्याप्त है। उन्होंने पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा और चिकित्सा अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। आरोप लगाया गया कि अवकाश लेने पर मानदेय में कटौती की जाती है, जिससे आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाती है।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनसे महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्य भी कराए जाते हैं। कई बार विभिन्न सभाओं में भीड़ जुटाने जैसे कार्यों में भी उन्हें लगाया जाता है। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, "काम के समय हमें शासकीय कर्मचारियों से अधिक जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन अधिकार और सुरक्षा शून्य है।"संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 9 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होना होगा।
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