नयी दिल्ली , मई 08 -- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि मध्य प्रदेश में इंदौर-खंडवा मार्ग पर बन रही तीन आधुनिक सुरंगों और चार लेन राजमार्ग परियोजना से न केवल यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।

आधिकारिक सूचना के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से ओंकारेश्वर तक का सफर घटकर लगभग एक घंटा रह जाएगा। इसके साथ ही दुर्गम घाट क्षेत्रों में दुर्घटनाओं और यातायात जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।

मंत्रालय का कहना था कि इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-347 बीजी के 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवारा खंड को दो लेन से चार लेन में बदला जा रहा है। लगभग 924 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 88 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और इसके इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की संभावना है।

परियोजना के तहत दुर्गम घाट क्षेत्रों में नयी ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि (एनएटीएम) से तीन सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें 575 मीटर लंबी भेरूघाट सुरंग, 480 मीटर लंबी बैग्राम सुरंग और 550 मीटर लंबी चोराल घाट सुरंग शामिल हैं। इन सुरंगों से भेरूघाट और चोराल घाट जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा और जाम तथा हादसों में कमी आएगी।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से ओंकारेश्वर तक का यात्रा समय घटकर लगभग एक घंटा रह जाएगा। इससे ओंकारेश्वर, खंडवा, बुरहानपुर, जलगांव और इंदौर के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा सिंहस्थ कुंभ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही भी सुचारु हो सकेगी।

परियोजना में आधुनिक जल निकासी प्रणाली, क्रैश बैरियर, सड़क सुरक्षा संकेतक, वर्षा जल प्रबंधन और हरित पट्टी विकास जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि राजमार्ग को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

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