बेंगलुरु , जून 19 -- कर्नाटक भाजपा ने विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी और जनता दल (एस) के विधायकों द्वारा दूसरे दल के पक्ष में मतदान करने के आरोपों की जांच के लिए सी टी रवि, एन महेश और महेश टेंगिनकाई की एक तीन सदस्यीय तथ्य-खोज समिति का गठन किया है। यह कदम कांग्रेस उम्मीदवारों को अनुमान से अधिक वोट मिलने और भाजपा-जनता दल (एस) गठबंधन को लगे झटके के बाद उठाया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गुरुवार को हुए विधान परिषद चुनाव के दौरान सामने आए भीतरघात के मामलों को बेहद गंभीरता से लिया है और राज्य इकाई से इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस उम्मीदवारों को पार्टी की वास्तविक संख्या से 11 अतिरिक्त वोट मिलने की खबरों के बाद इस मुद्दे ने गठबंधन के भीतर चिंता बढ़ा दी है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष विजेंद्र येदियुरप्पा ने कहा कि मतदान के पैटर्न से संकेत मिलता है कि भाजपा और जद (एस) के कई विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के चार से पांच और जद (एस) के छह से सात विधायकों पर भीतरघात करने का संदेह है, जिसके कारण सात सीटों पर हुए इस चुनाव में गठबंधन को नुकसान उठाना पड़ा। यह नवगठित समिति अब चुनाव के दौरान पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले इन्हीं चेहरों की पहचान करेगी।
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