जयपुर , जून 21 -- देश में वन्यजीव संरक्षण के अग्रणी मंच 'रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक' का पांचचां संस्करण 26 से 28 जून तक सवाईमाधोपुर जिले के रणथम्भौर में आयोजित किया जायेगा।

रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक के संस्थापक सुनील मंगल के अनुसार इस कार्यक्रम की थीम सर्वश्रेष्ठ बाघों का संरक्षण रखी गयी है। इस आयोजन में इस बार देश के छह दिग्गज बाघों की विरासत पर संवाद विशेष आकर्षण होगा।

इस बार भी यह आयोजन संरक्षणवादियों, वन्यजीव विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, फोटोग्राफरों, फिल्म निर्माताओं, वन अधिकारियों, पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों, कॉर्पोरेट स्थिरता विशेषज्ञों तथा वन्यजीव प्रेमियों को एक मंच पर लाएगा। इसका उद्देश्य भारत की उल्लेखनीय बाघ संरक्षण यात्रा का उत्सव मनाने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर सार्थक चर्चा करना है। आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिज़ॉर्ट और कैसल झूमर बावड़ी में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएं, संरक्षण से जुड़ी प्रेरक कहानियां, वन्यजीव फोटोग्राफी पहल, संरक्षण उत्कृष्टता सम्मान तथा रणथंभौर के अद्वितीय प्राकृतिक परिवेश से जुड़े विशेष अनुभव शामिल होंगे।

वर्ष 2026 के इस संस्करण में देश के कई प्रतिष्ठित संरक्षण विशेषज्ञ और वन्यजीव क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां भाग लेंगी। इनमें प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षणवादी डॉ. लतिका नाथ, रणथंभौर के सुप्रसिद्ध प्रकृतिविद् विजय सिंह मीणा, अभिनेता, पटकथा लेखक एवं निर्माता राहुल सिंह, तथा वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण प्रमुख हैं। इनके साथ अनेक वरिष्ठ वन अधिकारी, शोधकर्ता और पर्यावरणविद भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। चर्चाओं का केंद्र बिंदु बाघ संरक्षण, वन्यजीव गलियारे (वाइल्डलाइफ कॉरिडोर), जिम्मेदार पर्यटन, संरक्षण में तकनीक की भूमिका, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व, संरक्षण नेतृत्व और भारत के संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्रों का भविष्य रहेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित