बिलासपुर , सितंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को कहा कि तीजा प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

श्री साय यहां बहतराई स्टेडियम में आयोजित तीजा मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माताओं-बहनों के साथ तीजा की खुशियां साझा करते हुए कहा कि इस पर्व में प्रेम, आस्था और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना समाहित है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13.85 लाख से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के जरिए परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाएं आधुनिक तकनीक और नए रोजगार के साधनों को भी अपना रही हैं। ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा संचालन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

श्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है। महिलाओं के शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ और आर्थिक रूप से सशक्त होने से परिवार और प्रदेश दोनों मजबूत होंगे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर 'रामदेवरी' करने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।

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