तिरुपति , सितंबर 21 -- आंध्रप्रदेश के तिरुपति में सोमवार को यहां चल रहे श्रीवारी सलाकतला ब्रह्मोत्सव के हिस्से के तौर पर सूर्य प्रभा वाहन सेवा के दौरान भारत के सात राज्यों और जर्मनी के 20 सांस्कृतिक समूहों के 505 कलाकारों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कलाकारों ने शास्त्रीय और लोक नृत्य, कोलाटम, ड्रम परफॉर्मेंस, लेज़िम, भांगड़ा और अन्य पारंपरिक कला रूपों का प्रदर्शन किया, जिससे त्योहार का जश्न और भी रंगीन हो गया।
टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी मुड्डाडा रविचंद्र ने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले चार समूहों को सम्मानित किया।
सी एच जगदीश के नेतृत्व में श्री वेंकटेश्वर संगीत और नृत्य कॉलेज के समूह ने भरतनाट्यम पेश किया, जबकि वी राम्या के नेतृत्व में अन्नामाचार्य प्रोजेक्ट समूह ने पुडुचेरी का खर्गाट्टम नृत्य प्रस्तुत किया।
रेबा मोदी के नेतृत्व में हिंदू धर्म प्रचार परिषद के समूह ने अरुणाचल प्रदेश का मोपिन नृत्य पेश किया, जबकि एच अनंत के नेतृत्व में दासा साहित्य प्रोजेक्ट समूह ने हुबली का भरतनाट्यम प्रस्तुत किया।
भारत के अलग-अलग हिस्सों और जर्मनी के कलाकारों की भागीदारी ने ब्रह्मोत्सव से जुड़ी विविध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित किया और भक्तों को कई तरह की पारंपरिक कलाओं को देखने का मौका दिया।
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