, Aug. 31 -- बीजिंग, 31 अगस्त (वार्ता/स्पुतनिक) चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि उनकी सरकार तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

नेपाल में 26 अगस्त को बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था, जिससे तिब्बत क्षेत्र में चीन-नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग चेकपॉइंट के पास भारी तबाही हुई। ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीन-नेपाल में आयी इस प्राकृतिक आपदा के कारण 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 4,000 से अधिक लोग लापता हैं।

किर्गिस्तान की राजधानी बिशकेक में वहां के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक में श्री जिनपिंग ने कहा, "तिब्बत क्षेत्र में आये मलबे के बहाव के बाद लापता दर्ज चीनी और विदेशी नागरिकों की तलाश के लिए चीन हर संभव प्रयास कर रहा है।"स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण भूस्खलन के कारण तीन रूसियों सहित 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों से संपर्क टूट गया था।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भीषण भूस्खलन के बाद चीन-नेपाल सीमा पर चलाये जा रहे बचाव कार्य अपनी जटिलता और गंभीरता के मामले में अभूतपूर्व हैं।

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