चंडीगढ़ , मई 19 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में राज्य के गांवों में स्थित तालाबों के प्रबंधन और रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

श्री सैनी ने कहा कि तालाबों का सौंदर्यीकरण जरूरी है, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाये कि उनमें दूषित जल न बहे। उन्होंने अधिकारियों को अमृत सरोवर योजना के तहत विकसित तालाबों की नियमित सफाई के निर्देश दिये। सभी कार्य पारदर्शिता और उच्च निर्माण मानकों के साथ करने को कहा। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तालाबों के आसपास विशेष सफाई रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने तटबंधों को मजबूत करने, गाद निकालने और जंगली घास हटाने के निर्देश दिये। सुबह-शाम टहलने वालों के लिए रास्ते, बेंच और सौर प्रकाश की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों को तालाबों के नियमित रखरखाव के लिए जिम्मेदार बनाया जाये। समय-समय पर निरीक्षण कर कमियां दूर करने के निर्देश दिये।

श्री सैनी ने कहा कि गांवों से निकलने वाला अनुपचारित अपशिष्ट जल सीधे तालाबों में न डाला जाये। इसके लिए तीन तालाबों वाली उपचार प्रणाली विकसित की जाये। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गांवों में बेहतर नागरिक सुविधाएं और तालाबों को स्वच्छ सार्वजनिक स्थल बनाने की परिकल्पना कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बड़े तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा देने और तालाबों की नीलामी ऑनलाइन पोर्टल से करने के निर्देश दिये। नीलामी से मिले राजस्व का उपयोग तालाबों के रखरखाव में होगा। मानसून से पहले सभी नालियों की सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा में कुल 20,039 तालाब हैं। इनमें 19,129 ग्रामीण और 910 शहरी क्षेत्रों में हैं। अब तक 6,777 तालाबों की सफाई पूरी हो चुकी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित