बैतूल , जुलाई 25 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई स्थित पवित्र ताप्ती सरोवर में वर्षों से गंदे नाले का पानी मिलने की समस्या के समाधान की दिशा में नगर पालिका ने महत्वपूर्ण पहल की है। नगर पालिका ने नागपुर की ओरेपाल कंपनी को फिल्टर प्लांट स्थापित करने के लिए टेंडर देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके साथ ही सरोवर के प्रदूषित पानी को स्वच्छ बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है।

शनिवार को ओरेपाल कंपनी के विशेषज्ञों की एक टीम ने ताप्ती सरोवर और उसमें मिलने वाले नाले का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम ने सरोवर तथा नाले के विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। लैब रिपोर्ट के आधार पर पानी में मौजूद प्रदूषण और अन्य तत्वों का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद फिल्टर प्लांट की तकनीकी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार आधुनिक फिल्टर प्लांट के माध्यम से नाले का गंदा पानी पहले पूरी तरह शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद ही उसे ताप्ती सरोवर में छोड़ा जाएगा। इससे सरोवर में प्रदूषण कम होगा, जल की गुणवत्ता में सुधार आएगा और क्षेत्र में फैलने वाली दुर्गंध तथा जलजनित बीमारियों की आशंका भी घटेगी। ताप्ती सरोवर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं। लंबे समय से स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु सरोवर में गिर रहे गंदे पानी को रोकने तथा जल को स्वच्छ बनाए रखने की मांग कर रहे थे। विशेष रूप से बरसात के दौरान नाले का दूषित पानी सीधे सरोवर में मिलने से पानी का रंग बदल जाता था, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता था।

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