फरीदकोट , अक्टूबर 09 -- शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता एवं बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को कहा कि 'मावां-धीआं दी फौज' ने नशीले पदार्थों के तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों के नाम दर्ज करने शुरू कर दिए हैं।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में अकाली दल की सरकार बनने पर महिला पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में विशेष कार्यबल गठित कर इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यहां महिलाओं की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए श्रीमती बादल ने कहा कि नशे के खिलाफ महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया है और तस्करों तथा उन्हें बचाने वालों की गतिविधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर तस्करों की संपत्तियां जब्त करने और उन्हें 10 साल तक जमानत न मिलने का प्रावधान करने वाला कानून लाया जाएगा।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर महिलाओं से किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने नशे की समस्या खत्म करने और रोजगार देने के वादे किए थे, लेकिन उनके अनुसार, इन पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राज्य पर पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने और छह हजार करोड़ रुपये आत्मप्रचार पर खर्च करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने महिलाओं को प्रस्तावित तीन हजार रुपये मासिक सहायता के वादे से गुमराह नहीं होने की अपील की।

श्रीमती बादल ने नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि 2.17 लाख आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज होने के बावजूद अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकथाम संबंधी कानून (पीआईटी-एनडीपीएस) के तहत केवल सात मामलों में निवारक हिरासत के आदेश दिये गये।

मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी ओएसडी राजबीर घुम्मन और अन्य लोगों को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से क्लीन चिट मिलने के दावे पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में भ्रष्टाचार और पदों की कथित खरीद-फरोख्त के आरोप भी लगाए। ये आरोप उन्होंने हालिया प्रवर्तन निदेशालय की जांच का हवाला देते हुए लगाए। मुख्यमंत्री और संबंधित पक्षों का जवाब इस बयान में शामिल नहीं है।

सभा में एसजीपीसी सदस्य बीबी गुरिंदर कौर भोलूवाला और अकाली नेता सुखजीव कौर रोमाना ने भी संबोधित किया।

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