चंडीगढ़ , अक्टूबर 15 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने नशीले पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाते हुए औषधि निरीक्षक शीशन मित्तल की बहाली और उन्हें दोबारा अहम जिम्मेदारी सौंपे जाने पर जवाब मांगा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सितंबर 2024 में नशीले पदार्थों के तस्करों से कथित मिलीभगत और तस्करी के पैसे की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए मित्तल की जमानत मंजूर होने के बाद 2025 में बहाल कर दिया गया और विभागीय मुख्यालय में औषधि नियंत्रकों से संबंधित काम की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
श्री जाखड़ ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव से मानसा की घटना, नशा विरोधी अभियान के नतीजों और मित्तल की बहाली को लेकर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि नशीले पदार्थों के तस्करी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बावजूद मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को क्यों नहीं सौंपी गई।
श्री जाखड़ के अनुसार, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सितंबर 2024 में मित्तल को जेलों में बंद तस्करों के साथ कथित मिलीभगत और तस्करी के धन को ठिकाने लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान 24 बैंक खातों में जमा 7.09 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई थी। इसके अलावा, दो लॉकरों से 1.14 करोड़ रुपये नकद, करीब 260 ग्राम सोना और विदेशी मुद्रा मिलने की बात भी कही गई थी। उन्होंने जीरकपुर और राजस्थान में संपत्तियों का भी उल्लेख किया।
श्री जाखड़ ने कहा कि मानसा में शिकायतों के बाद मित्तल की तैनाती फाजिल्का में की गई थी, जहां से मोहाली में उसकी गिरफ्तारी हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि आरोपी को बहाल करने के बाद विभागीय मुख्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी किसने सौंपी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नशा विरोधी उपायों की समीक्षा के दौरान इस मामले में जिम्मेदारी तय करें।
भाजपा नेता ने यह भी पूछा कि इस मामले के बाद कितने अन्य ड्रग इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हुई, नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क की जांच कहां तक पहुंची और जेलों से अपने गिरोह चलाने वाले कथित सरगनाओं के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में नशों के खिलाफ विभिन्न अभियानों और ऑपरेशनों के नाम बदले गए हैं, लेकिन सरकार को उनके ठोस नतीजों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने मार्च 2026 में पुलिस महानिदेशक की ओर से 2,868 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी, 2,273 हथियार बरामद करने और 111 गिरोहों का पर्दाफाश करने संबंधी दावों का उल्लेख करते हुए पूछा कि इन कार्रवाइयों का जमीनी स्तर पर क्या असर हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री से उन गैंगस्टरों की सूची जारी करने की भी मांग की, जिन्हें उनके आरोप के अनुसार आम आदमी पार्टी में शामिल किया गया है।
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