रामनगर,24फरवरी (वार्ता) उत्तराखंड में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के लिए यह एक बेहद सुखद और महत्वपूर्ण खबर सामने आयी है कि पहली बार इस क्षेत्र में स्ट्राइप्ड हाइना यानी धारीदार लकड़बग्घा की मौजूदगी दर्ज की गई है, इससे पहले कई वर्षों पूर्व यह प्रजाति कालागढ़ टाइगर रिजर्व में देखी गई थी।

प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या ने जानकारी देते हुए बताया कि एक बार रामनगर वन प्रभाग के हाथी गलियांर क्षेत्र में इसका मूवमेंट रिकॉर्ड हुआ था, लेकिन उसके बाद से न तो कैमरा ट्रैप में और न ही किसी अन्य माध्यम से इसकी उपस्थिति सामने आई थी।

उन्होंने बताया कि हाल ही में चल रहे टाइगर सेंसस के दौरान लगाए गए कैमरा ट्रैप में यह दुर्लभ वन्यजीव एक दिन कैप्चर हुआ, इसके बाद विभाग ने रिकॉर्ड को बार-बार चेक किया। गहन पड़ताल में जनवरी से अब तक कई बार धारीदार लकड़बग्घा के कैमरा ट्रैप में कैद होने के प्रमाण मिले हैं, जो इस क्षेत्र के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत हैं।

डीएफओ ने कहा कि यह प्रजाति तराई पश्चिमी के हाथी डांगर टूरिज्म जोन और फ़ाटो टूरिज्म जोन के आसपास के क्षेत्रों में लगातार मूवमेंट करती दिखाई दे रही है, इससे न केवल वन्यजीवों की समृद्धि का संकेत मिलता है, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक बड़ा आकर्षण बन सकता है,यदि किसी पर्यटक को इसकी साइटिंग होती है तो यह पर्यटन की दृष्टि से भी खास उपलब्धि होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि धारीदार लकड़बग्घा को संवेदनशील श्रेणी (एंडेंजर्ड) में रखा गया है, ऐसे में इसका इस क्षेत्र में बार-बार दिखाई देना वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है, यह रिकॉर्ड तराई पश्चिमी के जैव विविधता परिदृश्य के लिए बेहद सकारात्मक माना जा रहा है।

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