जालंधर , अक्तूबर 21 -- चुनाव आयोग के आदेशों के तहत आयकर विभाग के जांच निदेशालय द्वारा आगामी तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में काले धन के उपयोग को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किये गये हैं। संयुक्त निदेशक आयकर (जांच) एवं चुनाव व्यय निगरानी के नोडल अधिकारी सौरभ गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि शिकायतें प्राप्त करने के लिए पंजाब राज्य के लिए इनकम टैक्स दफ्तर, जालंधर में एक टोल-फ्री नंबर 1800-180-2141 एवं एक व्हाट्सएप नंबर 7380289336 वाला एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे काम करता है। लोगों को इस नंबर पर कॉल करने एवं चुनाव प्रक्रिया को गलत ढंग से प्रभावित करने के लिए प्रयुक्त की जाने वाली नकदी या अन्य मूल्यवान वस्तुओं से संबंधित विशेष जानकारी देने के लिए उत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कॉल करने वालों की पहचान गोपनीय रखी जायेगी।

जिले में उपचुनाव संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए अधिकारियों एवं इंस्पेक्टरों की टीमें तैनात की गयी हैं। सूचना की प्रामाणिकता के आधार पर एवं जांच के बाद उचित मामलों में कानून अनुसार नकदी आदि जब्त करने की बनती कार्यवाही की जायेगी। यह टीमें जिला चुनाव अधिकारी (डी.ई.ओ.) के जिला कंट्रोल रूम के साथ-साथ जिला स्तर पर अन्य एजेंसियों के साथ निकट तालमेल से काम करेंगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान बेहिसाब नकदी के प्रबंधन में संभावित तौर पर शामिल व्यक्तियों, स्थानों एवं गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है।

श्री गुप्ता ने बताया कि एयर इंटेलिजेंस यूनिट (ए.आई.यू.) पंजाब के सभी हवाई अड्डों के साथ-साथ व्यावसायिक उड़ानों वाले हवाई अड्डों पर भी कार्यरत है। यह यूनिट हवाई मार्ग से आ रही नकदी पर सख्त नजर रख रहे हैं। इसी तरह रेलवे अधिकारियों के समन्वय से रेलवे के माध्यम से नकदी आदि की आवक पर भी निगरानी रखी जा रही है। बैंक खातों से एक निश्चित सीमा से अधिक नकदी निकलवाने से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा रही है, एवं संदिग्ध लेन-देन की पहचान करने एवं उचित कार्यवाही करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि निदेशालय उम्मीदवारों की संपत्तियों एवं देनदारियों को घोषित करने वाले हलफनामों की भी जांच करेगा एवं यदि इस से संबंधित किसी भी जानकारी को छुपाया जाता है, तो उसकी सूचना चुनाव आयोग को दी जाएगी। इसी तरह यदि उम्मीदवारों द्वारा चुनाव व्यय संबंधी कोई आपत्तिजनक जानकारी एकत्र की जाती है, तो उसकी सूचना भी चुनाव आयोग को दी जायेगी।

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