चेन्नई , अगस्त 26 -- तमिलनाडु सरकार ने एच1एन1 इन्फ्लूएंजा (स्वाइन फ्लू) के मामलों में मामूली बढ़ोतरी के बाद इसकी निगरानी और जांच बढ़ा दी है। साथ ही, सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।
राज्य में मामलों में बढ़ोतरी के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक परामर्श जारी किया है। इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या जनवरी में 19 थी जो अब बढ़कर 339 हो गई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बुखार, खांसी या सर्दी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है।
स्वाइन फ्लू, इन्फ्लूएंजा वायरस से होने वाला सांस का संक्रमण है। हालांकि शुरुआत में यह संक्रमण सुअरों से जुड़ा था लेकिन एच1एन1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, खासकर सांस से निकलने वाली बूंदों और करीबी संपर्क में आने से। मामलों में यह मौजूदा बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब देश के कई राज्यों में भी मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनवरी में राज्य में स्वाइन फ्लू के केवल 19 मामले दर्ज किए गए थे। अब यह संख्या बढ़कर 339 हो गई है, जो पिछले कुछ महीनों में इसके फैलने में हुई भारी बढ़ोतरी को दिखाता है। इसके बाद विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और एहतियाती सलाह जारी की है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इन्फ्लूएंजा संक्रमण के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें। जिन लोगों में अचानक तेज़ बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों का दर्द, सिरदर्द, बहुत ज़्यादा थकान और कंपकंपी जैसे लक्षण दिखें, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे तुरंत किसी नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें या इलाज के लिए बिना देरी किए अस्पताल जाएं।
इसमें कहा गया है कि बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को इन्फ्लूएंज़ा से जुड़ी जटिलताओं का ज़्यादा ख़तरा हो सकता है। कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए और फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर जल्द ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
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