चेन्नई , सितंबर 03 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को विधानसभा में घोषणा की कि चेन्नई में 1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक नया एकीकृत कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जिसमें विधानसभा और सचिवालय दोनों होंगे।

यह दो दशकों में सत्ता के केंद्र को मौजूदा रक्षा मंत्रालय के मालिकाना हक वाले और भीड़-भाड़ वाले फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर से दूसरी जगह ले जाने का तीसरा बड़ा प्रयास है।

श्री विजय ने राज्य विधानसभा में नियम 110 के तहत बयान देते हुए कहा कि प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स (जिसकी जगह अभी तय नहीं हुई है) का मकसद सभी विभागों को एक एकीकृत प्रशासनिक कैंपस के तहत लाना है ताकि तालमेल और प्रशासनिक दक्षता बेहतर हो सके। यह 20 लाख वर्ग फुट में फैला होगा और इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। नये कैंपस में आग से सुरक्षा के सिस्टम, दिव्यांगों के लिए सुविधाएं और ग्रीन-बिल्डिंग स्टैंडर्ड्स शामिल होंगे। कॉम्प्लेक्स में पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं, कॉन्फ्रेंस हॉल, पब्लिक सर्विस सेंटर और सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी होंगी।

इस प्रस्तावित बदलाव का इतिहास लंबा और पेचीदा रहा है। पहली बड़ी कोशिश 2003 में हुई थी जब तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने 31 जनवरी को विधानसभा में घोषणा की थी कि चेन्नई के क्वीन मैरी कॉलेज को गिराकर वहां नया सचिवालय परिसर बनाया जायेगा। इस प्रस्ताव का हालांकि छात्रों ने कड़ा विरोध किया और आखिरकार इसे रद्द कर दिया गया।

श्री एम. करुणानिधि ने इस प्रस्ताव को फिर से आगे बढ़ाया। उन्होंने अपने 2006-2010 के कार्यकाल के आखिर में ओमंदुरार सरकारी एस्टेट में नयी विधानसभा और सचिवालय परिसर के निर्माण का काम शुरू किया। यह प्रोजेक्ट 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से पूरा हुआ , हालांकि यह व्यवस्था ज़्यादा दिन नहीं चली। वर्ष 2011 में जब जयललिता सत्ता में लौटीं, तो उन्होंने विधानसभा और सचिवालय को वापस फोर्ट सेंट जॉर्ज में स्थानांतरित कर दिया और ओमंदुरार परिसर को मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बदल दिया।

विजय सरकार की घोषणा राज्य विधानसभा और सचिवालय के लिए एक नया स्थायी ठिकाना बनाने की तीसरी कोशिश है। नये सचिवालय की मांग मुख्य रूप से ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज कैंपस में जगह की भारी कमी के कारण उठी है। यह कॉम्प्लेक्स दशकों से तमिलनाडु सरकार का केंद्र रहा है, लेकिन यहाँ ऑफिस, अधिकारियों, आने-जाने वालों, गाड़ियों और आधुनिक प्रशासनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जगह कम है।

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