चेन्नई , मार्च 29 -- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव में कड़े चार-कोणीय मुकाबले का मैदान तैयार हो गया है।
राज्य में इस बार मुकाबला मुख्य रूप से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के नेतृत्व वाले मोर्चे, तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और नाम तमिलर काची (एनटीके) के बीच होगा।
सत्तारूढ़ द्रमुक गठबंधन, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन कर रहे हैं, लगातार जीत के सिलसिले को बरकरार रखते हुए दोबारा सत्ता में लौटने और "द्रविड़ मॉडल 2.0" को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ मैदान में है। वहीं अन्नाद्रमुक, जिसके प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी हैं, अपने इतिहास की बड़ी परीक्षा का सामना कर रही है और मजबूत गठबंधन के सहारे वापसी की कोशिश में है। पार्टी अपने दिग्गज दिवंगत नेताओं एम. जी. रामचंद्रन (एमजीआर) और जे. जयललिता की विरासत के बिना चुनावी मैदान में उतरी है।
इस चुनाव में नई पार्टी टीवीके के नेता और अभिनेता विजय पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और उन्होंने सभी 234 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं श्री सीमान के नेतृत्व वाली एनटीके भी अकेले दम पर चुनाव लड़ रही है।
गठबंधन समीकरणों की बात करें तो द्रमुक 164 सीटों पर सीधे चुनाव लड़ रही है, जबकि सहयोगी दलों के साथ मिलाकर 175 सीटों पर उसका चुनाव चिह्न रहेगा। इसके प्रमुख सहयोगियों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम, विदुथलाई चिरुथिगल काची, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी शामिल हैं।
दूसरी ओर अन्नाद्रमुक 167 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसने अपने सहयोगियों जैसे भारतीय जनता पार्टी, पीएमके, एएमएमके और टीएमसी को कुल 67 सीटें आवंटित की हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित