चेन्नई , फरवरी 11 -- तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में हिस्सेदारी की कांग्रेस की मांग को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि राज्य में सत्ता साझेदारी की अवधारणा संगत नहीं है लेकिन द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन पूरी तरह मजबूत तथा बरकरार है।
श्री स्टालिन ने यहां 'इंडिया राउंड टेबल' कार्यक्रम में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि तमिलनाडु की राजनीति के इतिहास में सत्ता साझेदारी की कोई परंपरा नहीं रही है और यह अवधारणा राज्य के लिए उपयुक्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ मध्यस्थों और मीडिया के एक वर्ग द्वारा द्रमुक और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन में दरार पैदा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन दोनों दलों के रिश्ते पहले की तरह मजबूत हैं। उन्होंने कहा। "कोई अड़चन नहीं है और द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन आगे भी जारी रहेगा।"मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि द्रमुक नीत मोर्चा आगामी चुनावों में भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की अनेक उपलब्धियां और जनकल्याणकारी योजनाएं चुनाव में मुख्य मुद्दा होंगी। श्री स्टालिन ने कहा, "हम विकास और कल्याण के एजेंडे के साथ जनता के पास जाएंगे और द्रमुक दोबारा सत्ता में आएगी।"श्री स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, लेकिन केन्द्र राज्य के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। केन्द्र न तो नयी परियोजनाएं दे रहा है, न ही बजट में पर्याप्त धन आवंटन कर रहा है और करों में राज्य के हिस्से तथा समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत धनराशि भी जारी नहीं कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डबल इंजन सरकार' के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इसका मतलब "भ्रष्ट गठबंधन" है। उन्होंने कहा, "केंद्र ने तमिलनाडु को बजट में शून्य दिया है और चुनाव में भी उन्हें शून्य ही मिलेगा।"उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ उनके संबंध राजनीति से परे हैं और वे उन्हें भाई की तरह देखते हैं।
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