चेन्नई , अक्टूबर 18 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को चेन्नई, उसके उपनगरों और उत्तरी तटीय जिलों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को तैनात किया।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों के साथ मास्टर कंट्रोल रूम में की गयी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस बीच, गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हुई बारिश के कारण 20 से अधिक उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर असर पड़ा।

मौसम विभाग की ओर से चेन्नई के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की अरक्कोनम से आई चार टीमों और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की चार कंपनियों को चेन्नई में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया।

चेन्नई नगर निगम ने राहत कार्यों के लिए 15,000 से अधिक कर्मचारियों को लगाया है। ये कर्मचारी उखड़े हुए पेड़ों को हटाने और जलभराव वाले इलाकों से बारिश का पानी निकालने सहित अन्य कार्य कर रहे हैं।

निचले इलाकों से निकाले गए लोगों को ठहराने के लिए सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त कुल नौ राहत केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गयी है।

इस बीच, हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि शनिवार देर शाम से रविवार सुबह तक चेन्नई हवाई अड्डे पर भारी बारिश के कारण 20 से अधिक उड़ानों का परिचालन प्रभावित हुआ। कोलकाता से 184 यात्रियों को लेकर आ रही इंडिगो की एक उड़ान खराब मौसम के कारण चेन्नई में नहीं उतर सकी, जिसके बाद उसे हैदराबाद की ओर मोड़ दिया गया।

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और कोलकाता सहित विभिन्न शहरों से आने वाली 10 से अधिक उड़ानों को उतरने से पहले काफी देर तक हवा में चक्कर लगाने पड़े। मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद ये उड़ानें एक के बाद एक उतरीं।

चेन्नई से रवाना होने वाली मदुरै, कोच्चि, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और दिल्ली की घरेलू उड़ानों सहित करीब 10 उड़ानों में एक से दो घंटे की देरी हुई। सिंगापुर, कुआलालंपुर, श्रीलंका, फ्रैंकफर्ट और अबू धाबी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी विलंबित हुईं।

इस बीच, श्री विजय ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को चेन्नई लौटने का निर्देश दिया है। उन्होंने उन्हें विभिन्न वार्डों में तैनात किया है, ताकि बचाव एवं राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

बारिश से प्रभावित चेन्नई के 15 जोन में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए कुल आठ मंत्रियों को तैनात किया गया है। मंत्री आधव अर्जुन को शहर में बाढ़ से निपटने की तैयारियों और राहत उपायों की निगरानी के लिए समन्वय मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि अन्य मंत्रियों को राहत कार्यों की देखरेख के लिए अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

मंत्रियों को अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने और एहतियाती उपायों तथा राहत कार्यों को बिना किसी देरी के पूरा करना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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