चेन्नई , जुलाई 31 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने राज्य में प्रबल अल नीनो के संभावित प्रभावों की वैज्ञानिक आधार पर निगरानी और आकलन के लिए सात सदस्यीय विशेषज्ञ सलाहकार समिति का गठन किया है।
इस बारे में जारी सरकारी आदेश (जीओ) में कहा गया है कि इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव/राजस्व प्रशासन आयुक्त एवं राज्य राहत आयुक्त करेंगे। समिति में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, तटीय संसाधन प्रबंधन, शहरी बुनियादी ढांचे आदि क्षेत्रों में विशेष अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों के साथ-साथ अन्ना विश्वविद्यालय और सूचना प्रौद्योगिकी (आईआईटी) -मद्रास के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। यह समिति अल नीनों के प्रभावों का अध्ययन करेगी और उचित एहतियाती एवं आपदा प्रबंधन उपाय करेगी।
यह समिति तमिलनाडु आपदा जोखिम न्यूनीकरण एजेंसी (टीएनडीआरआरए) को उन कदमों के बारे में सलाह भी देगी जो सरकार को प्रबल अल नीनो से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए उठाने चाहिए।
यह सलाहकार समिति इसलिए बनाई गई क्योंकि इस साल गंभीर अल नीनो घटना के विकसित होने की बहुत अधिक संभावना है। नतीजतन, दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश सामान्य से कम हो सकती है, जिससे कावेरी नदी में पानी के बहाव और सिंचाई सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा,सरकारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर-पूर्वी मॉनसून के मौसम में भारी बारिश और बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाएं होने की आशंका है।
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