चेन्नई , अगस्त 31 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में राज्य की बिजली उत्पादन एवं वितरण क्षमता बढ़ाने, सेमीकंडक्टर विनिर्माण को विस्तार देने और लॉजिस्टिक्स ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की।
श्री विजय ने विधानसभा में नियम 110 के तहत दिये बयान में कहा कि राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने और बिजली उत्पादन केंद्रों से निर्बाध बिजली संचरण सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ तमिलनाडु संचरण सुधार योजना लागू की जाएगी। इसके तहत 196 नये उपकेंद्र स्थापित किये जाएंगे और 15,000 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनें बिछाई जाएंगी। इस योजना पर 33.66 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।
उन्होंने बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1,762 करोड़ रुपये की वितरण बुनियादी ढांचा विकास परियोजना लागू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन उपायों से बिजली के संचरण और वितरण की क्षमता बढ़ेगी, मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम होगा तथा घरों और उद्योगों को भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
श्री विजय ने कहा कि तमिलनाडु अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में है और पवन तथा सौर ऊर्जा उत्पादन पर अधिक ध्यान दे रहा है, लेकिन इन स्रोतों से पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कोई नया निवेश नहीं हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार मौजूदा पांच 210 मेगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के पुनर्गठन के अलावा दो इकाइयों वाला नया अति-आधुनिक ताप विद्युत संयंत्र स्थापित करेगी। प्रत्येक इकाई की क्षमता 800 मेगावाट होगी। यह संयंत्र तूतीकोरिन ताप विद्युत संयंत्र परिसर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर स्थापित किया जाएगा और इस पर अनुमानित 20,800 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
श्री विजय ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से कांचीपुरम जिले के मधुरमंगलम में सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पार्क स्थापित करने की घोषणा की। राज्य औद्योगिक संवर्धन निगम के माध्यम से स्थापित किए जाने वाले इस पार्क पर 175 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उन्होंने कहा कि पार्क में सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी नई इकाइयों के साथ अनुसंधान एवं विकास की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे करीब 5,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है तथा राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा।
बजट में घोषित बहु-माध्यम परिवहन लॉजिस्टिक्स पार्क और मालवहन केंद्रों का उल्लेख करते हुए विजय ने कहा कि केंद्रीय क्षेत्र और उसके आसपास बड़ी संख्या में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम होने को देखते हुए तिरुचिरापल्ली में बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स केंद्र स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम इसकी व्यवहार्यता का अध्ययन करेगा और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके आधार पर तिरुचिरापल्ली में लॉजिस्टिक्स केंद्र स्थापित किया जाएगा।
श्री विजय ने कोयंबटूर में डिजिटल वित्तीय प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की। 'कोयंबटूर फिनटेक हब' नाम से प्रस्तावित इस केंद्र पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित वित्तीय सेवाओं के केंद्र के रूप में कोयंबटूर की स्थिति को मजबूत करना और डिजिटल अर्थव्यवस्था में नए अवसर पैदा करना है।
इस बीच श्री विजय ने राज्य के दूध उत्पादकों के लिए खरीद मूल्य में तीन रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके साथ ही सहकारी दुग्ध नेटवर्क के माध्यम से दूध की खरीद का मूल्य 41 रुपये से बढ़कर 44 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा।
उन्होंने विधानसभा में नियम 110 के तहत बयान में कहा कि राज्य के दूध उत्पादकों ने पशुओं के चारे और अन्य आवश्यक सामग्री की बढ़ती लागत को देखते हुए खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग की थी। उनके हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे राज्य की सहकारी संस्थाओं से जुड़े 13.16 लाख दूध उत्पादकों को लाभ मिलेगा।
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