चेन्नई , फरवरी 10 -- तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक के नेतृत्व वाला धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु की अनदेखी एवं भेदभाव करने तथा केंद्रीय बजट में जनता को धोखा देने की कड़ी निंदा करने के लिए 12 फरवरी को राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करेगा।
राज्य के सभी निगमों, नगरपालिकाओं एवं पंचायतों में आयोजित होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व कर रही भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी और मुख्य विपक्षी अन्नाद्रमुक की आलोचना भी की जायेगी क्योंकि वह बजट की बहुत सराहना कर रही है ।
द्रमुक के नेतृत्व वाले एसपीए के सभी गठबंधन सहयोगियों के नेता, जिनमें कांग्रेस, दोनों वामपंथी दल, भाकपा और माकपा, एमडीएमके, लोकसभा सांसद थोल थिरुमावलवन की वीसीके, राज्यसभा सांसद अभिनेता-राजनेता कमल हासन की एमएनएम और अन्य दल शामिल हैं, इस विशाल प्रदर्शन में भाग लेंगे।
एसपीए ने मंगलवार को एक बयान जारी कर केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी निंदा की, जिसमें केंद्रीय बजट में तमिलनाडु की पूर्ण उपेक्षा करने, प्रति वर्ष 100 दिनों के काम की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना का पुनर्गठन करने, किसानों के कल्याण को प्रभावित करने और राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ डालने की बात की गई, जिसमें पुनर्गठित योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार को वहन करने की बात की गई है।
उन्होंने कहा कि बजट में राज्य को नजरअंदाज करके भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने जनता को धोखा दिया है और तमिलनाडु के विकास में बाधा उत्पन्न की है।
द्रमुक के नेतृत्व वाला एसपीए 12 फरवरी की सुबह यह विरोध प्रदर्शन करेगा जिसमें बजट में तमिलनाडु को लगातार नजरअंदाज किया गया है, जिसमें कोई नई परियोजना घोषित नहीं की गई, कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई, कोयंबटूर एवंमदुरै मेट्रो रेल परियोजनाओं को मंजूरी नहीं दी गई और तमिलनाडु द्वारा नई नीति के तहत परिकल्पित तीन-भाषा फार्मूले को लागू नहीं करने के कारण एसएसए योजना के अंतर्गत स्कूली शिक्षा क्षेत्र के लिए धनराशि जारी नहीं करने जैसे मसले शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि चूंकि विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने मजदूर विरोधी सरकार के खिलाफ और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर उस दिन राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। इसलिए द्रमुक के नेतृत्व वाले एसपीए द्वारा शाम को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बयान में आगे कहा गया, तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को चार व्यापक श्रम संहिताओं में समेकित किया है। इनमें वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों संहिता, 2020 शामिल हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित