चेन्नई , सितंबर 18 -- तमिलनाडु में छह अक्टूबर को दो सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए सत्तारुढ़ टीवीके के संस्थापक एवं राज्य के मुख्यमंत्री विजय, मुख्य विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और एआईएडीएमके (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ईके. पलानीस्वामी प्रचार अभियान शुरू करने को तैयार हैं।

ये चुनाव न केवल सत्ताधारी पार्टी के लिए एक अहम परीक्षा हैं (जिसे उसके चार महीने पुराने शासन के लिए एक तरह का जनमत संग्रह माना जा रहा है, जिस दौरान उसे विपक्षी दलों की लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा है) बल्कि विपक्षी द्रमुक और अन्नाद्रमुक के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये चुनाव, चुनाव के बाद हुए उस नए गठबंधन के बाद हो रहे हैं, जैसा तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया था।

श्री विजय की पार्टी के लिए ये उपचुनाव और भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उसने उन्हीं दो उम्मीदवारों को टिकट दिया है जिन्होंने पहले अन्नाद्रमुक के टिकट पर सीट जीती थी, फिर अपना पद छोड़ दिया और टीवीके में शामिल होने के बाद दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। इससे वामपंथी दलों में नाराजगी व्याप्त हो गयी है। उन्होंने इसे जबरन कराया गया उपचुनाव बताया है और कहा है कि अन्नाद्रमुक के बागी नेताओं का कम समय में इस्तीफा देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक उड़ाने और मतदाताओं का अपमान करने जैसा है।

मद्रास उच्च नयायालय ने उपचुनावों पर रोक लगाने से इनकार करते हुए किसी खास पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुने जाने के बाद इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी से दोबारा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के इस कदम को लोकतंत्र का मज़ाक बताया। अदालत ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे खास हालात में दिशा निर्देश बनाये जायें और साथ ही इस्तीफा देने वाले उम्मीदवारों से उपचुनाव का खर्च भी वसूला जाये। इससे विपक्ष को टीवीके सरकार को निशाना बनाने का एक नया और मज़बूत मुद्दा मिल गया है, जिसकी पहले से ही विपक्षी पार्टियां कई मुद्दों पर आलोचना करती रही हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक उपचुनाव से पहले श्री विजय दो दिन मदुरंतकम में और दो दिन धारापुरम में कुल चार दिन तक प्रचार करेंगे।

वामपंर्थी पार्टियों भाकपा और माकपा के अचानक मैदान में उतरने से (हालांकि वे विजय सरकार को बाहर से समर्थन दे रही हैं) उपचुनाव अब पांच-तरफ़ा मुक़ाबला बन गया है। इसमें टीवीके के नेतृत्व वाला 'सेक्युलर सोशल जस्टिस वेट्री अलायंस', द्रमुक के नेतृत्व वाला 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस', अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला राजग, एक-एक सीट पर चुनाव लड़ रहीं दो वामपंथी पार्टियां और अभिनेता निर्माता सीमन की 'नाम तमिलर काची' शामिल हैं।

श्री विजय के 25 सितंबर और 2 अक्टूबर को धारापुरम में चुनाव प्रचार करने की उम्मीद है। इस दौरान वे कई जनसभाओं को संबोधित कर सकते हैं, जिनमें धारापुरम-उडुमलपेट रोड पर तिरुमलाईपालयम में होने वाली सभा भी शामिल है। इसके बाद वे दो दिनों तक मदुरंतकम में चुनाव प्रचार करेंगे।

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