चेन्नई , जून 28 -- तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने रविवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस सरकार ने राज्य को कई मोर्चों पर बेहद खराब स्थिति में धकेल दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में आगामी तीन से छह महीनों के भीतर जल्द ही विधानसभा के मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं।
श्री स्टालिन द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां उनकी मौजूदगी में विभिन्न दलों के समर्थक द्रमुक में शामिल हुए। सभी प्रमुख सहयोगियों द्वारा साथ छोड़ने और तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) की ओर जाने के बाद द्रमुक बढ़ते तनाव का सामना कर रही है। इस बीच श्री स्टालिन ने मजबूती से अपनी बात रखते हुए अपने शासनकाल की कल्याणकारी और प्रमुख योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और भलाई के लिए द्रमुक ही एकमात्र और असली ढाल है।
उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यभार संभालने के एक महीने के भीतर ही राज्य के सामने खड़ी कई समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। इसके अलावा बिजली कटौती और उद्योगों का दूसरे राज्यों में जाना जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सब पर मुख्यमंत्री कोई जवाब नहीं दे रहे हैं और ध्यान भटकाने का रवैया अपना रहे हैं। इस असंवेदनशील सरकार के कारण जनता कई तरह की परेशानियां झेल रही है और अब पछता रही है कि उसने इस शासन को मत क्यों दिया।
द्रमुक अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से इसकी रक्षा के लिए काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि मध्यावधि चुनाव किसी भी समय आ सकते हैं। मौजूदा टीवीके सरकार के पास बहुमत की कमी है और यह द्रमुक के पूर्व सहयोगियों के समर्थन पर चल रही है।
श्री स्टालिन ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, "चुनाव कभी भी आ सकते हैं। यह जल्द ही हो सकते हैं, तीन महीने बाद या छह महीने बाद आ सकते हैं, क्योंकि मौजूदा सरकार अपने दम पर बहुमत से नहीं जीती है। बहुमत का मतलब 234 सदस्यों वाले सदन में 118 सीटें हासिल करना है, लेकिन उन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों में केवल 108 सीटें ही जीतीं।"द्रमुक नेता ने दावा किया कि जनता ने द्रमुक की जीत और उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने के इरादे से वोट दिया था। हालांकि, टीवीके सरकार अब उन सहयोगियों के संरक्षण में काम कर रही है, जिन्होंने चुनाव में द्रमुक गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा था।
श्री स्टालिन ने कहा कि यह बिना दिशा की सरकार कहां जाकर रुकेगी, यह कोई नहीं जानता, लेकिन जो कुछ भी और जब भी होगा, हमें उसके लिए तैयार रहना होगा। मध्यावधि चुनाव किसी भी क्षण और किसी भी स्थिति में आ सकते हैं और हमें इसके लिए सौ प्रतिशत तैयार रहना होगा। उन्होंने द्रमुक कार्यकर्ताओं से इसी पल से इस दिशा में काम शुरू करने और इसका संकल्प लेने की अपील की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित