चेन्नई , अप्रैल 29 -- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने तमिलनाडु में कथित तौर पर गांजा आपूर्ति करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ़्तार कर उनके पास से 200 किलोग्राम गांजा ज़ब्त किया है।

यह जानकारी एनसीबी की चेन्नई क्षेत्रीय इकाई ने बुधवार को दी।

एनसीबी के अनुसार यह गिरफ्तारी एक समन्वित बहु-राज्यीय अभियान के तहत गयी। एनसीबी के अधिकारियों ने तेलंगाना पुलिस के सहयोग से, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सक्रिय एक अंतर-राज्यीय नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। अभियान के दौरान तमिलनाडु के नल्लूर टोल प्लाज़ा के पास एक आइशर ट्रक से 200 किलोग्राम गांजा ज़ब्त किया गया। बरामद प्रतिबंधित सामग्री की अवैध तस्करी के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया, जो सभी तमिलनाडु के तूतीकोरिन के रहने वाले हैं।

एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि इस गिरोह का सरगना तिरुप्पुर निवासी नागेंद्रन उर्फ रघु। वह एक आदतन अपराधी है और उसका आपराधिक इतिहास काफ़ी लंबा है। आरोपी 2022 में विरुधुनगर ज़िले में दर्ज एक दोहरे हत्याकांड के मामले में शामिल है, जिसमें उसके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट लंबित है। वह 2024 में मदुरै शहर में दर्ज शस्त्र अधिनियम तथा हाल ही में 2025 में करूर शहर में दर्ज एनडीपीएस के एक मामले में भी शामिल रहा है।

शुरुआती जाँच से पता चला है कि ज़ब्त किया गया 200 किलोग्राम गांजा ओडिशा के मलकानगिरी ज़िले से आया था और आंध्र प्रदेश के रास्ते तमिलनाडु में तस्करी करके लाया गया था। इस खेप का मकसद कोयंबटूर में कॉलेज जाने वाले युवाओं और काम करने वाले लोगों के बीच इसे बाँटना था।

एनसीबी के अनुसार आगे की जाँच से पता चलता है कि तस्करों ने एक खास तरीका अपनाया था। आंध्र प्रदेश से कोयंबटूर ले जाते समय, उन्होंने गांजे को प्लास्टिक कचरे की एक खेप के अंदर छिपा दिया था, ताकि कानून लागू करने वाली एजेंसियों की नज़र से बच सकें। गांजा ले जाने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन का मालिक भी गिरफ़्तार किए गये लोगों में शामिल है।

जाँच से पता चलता है कि यह वाहन घटना से महज़ दो हफ़्ते पहले ही खरीदा गया था और वाहन का खरीदने के मकसद इस प्रतिबंधित सामान की तस्करी था। गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान करने, पैसों के लेन-देन का पता लगाने और इस तस्करी के काम में शामिल अंतर-राज्यीय नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जाँच चल रही है। इस गैर-कानूनी धंधे में शामिल लोगों और पैसों के लेन-देन का पता लगाने के लिए एक वित्तीय जाँच भी चल रही है।

एनसीबी ने कहा है कि यह ज़ब्ती एक बार फिर उसकी उस पक्की प्रतिबद्धता को दिखाती है कि वह 'नशा-मुक्त भारत' के सपने को पूरा करने के लिए अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

इस साल की शुरुआत से अब तक एनसीबी की चेन्नई इकाई ने लगभग 1,703.35 किलोग्राम गांजा, 87.64 किलोग्राम हशीश तेल और 1.045 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन ज़ब्त किया है, जिसके चलते चौदह लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। इन ज़ब्त की गई नशीली दवाओं की कुल अनुमानित कीमत लगभग 15.15 रुपये करोड़ है।

इसके अलावा एनसीबी चेन्नई द्वारा पहले जाँचे गए मामलों से जुड़ी कानूनी कार्रवाई में इस साल तीन मामलों में सफलतापूर्वक मुकदमा चलाया गया है, जिसके कारण आठ आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।

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