चेन्नई , मार्च 29 -- तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रही अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने रविवार को 17 उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी।
तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल मतदान होगा और इसके लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया कल से शुरू हो रही है। इस बीच अन्ना द्रमुक अपने 53 साल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा का सामना कर रही है। पार्टी की ओर से जारी की गयी इस सूची में पार्टी ने पूर्व मंत्रियों और दिग्गज नेताओं को उनकी पारंपरिक सीटों से मैदान में उतारा है। पार्टी के महासचिव एवं राजग के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने बताया कि इन 17 उम्मीदवारों में से पार्टी ने चेन्नई शहर की 12 सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा की है, जहाँ वह अपनी खोई हुई पकड़ फिर से हासिल करने के लिए उत्सुक है।
इससे पहले जारी की गई सूची में पार्टी ने उत्तरी चेन्नई की अपनी पारंपरिक सीट रॉयपुरम से पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठनेता डी. जयकुमार को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी। इसी सीट से अभिनेता से नेता बने एवं 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) के संस्थापक अध्यक्ष विजय भी चुनाव लड़ रहे हैं।
चेन्नई की कुल 16 सीटों में से अन्ना द्रमुक 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि शेष तीन सीटें उसने अपने सहयोगी दलों को आवंटित की हैं, जिनमें से क्रमशः एक-एक सीट भारतीय जनता पार्टी, पट्टाली मक्कल काची और अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम को दी गई है। इन सीटों में द्रमुक अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का निर्वाचन क्षेत्र 'कोरात्तूर' भी शामिल है। श्री स्टालिन ने 2011 में परिसीमन के बाद इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद से लगातार तीन बार जीत हासिल की है और अब वह रिकॉर्ड चौथी जीत पर नज़र गड़ाए हुए हैं।
अंतिम सूची में शामिल लोगों में पूर्व मंत्री सुश्री बी. वलरमथी (थाउज़ेंड लाइट्स), सुश्री एस. गोकुला इंदिरा (अन्नानगर) और वरिष्ठ नेता आधी राजाराम (चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी) शामिल हैं। श्री राजाराम का मुकाबला उपमुख्यमंत्री एवं द्रमुक युवा इकाई के सचिव उदयनिधि स्टालिन से है। इनके अलावा, सूची में रॉयपुरम आर. मनो (हार्बर), विरुगई एन. रवि (विरुगम्बाक्कम), बी. सत्यनारायणन उर्फ सत्या (टी. नगर), के.पी. कंधन (शोलिंगनल्लूर ), एस.आर. विजयकुमार (विलिवक्कम), आर.एस. राजेश (आर.के. नगर), और एम. अशोक (वेलाचेरी) भी शामिल हैं।
पार्टी के 17 उम्मीदवारों में से दो पूर्व मंत्री थे (दोनों महिलाएं), छह पूर्व विधायक और एक पूर्व सांसद है। कुल 234 विधानसभा सीटों में से अन्ना द्रमुक ने 19 महिलाओं, 33 पूर्व मंत्रियों और तीन पूर्व सांसदों को मैदान में उतारा है। इन्हें उनके पारंपरिक गढ़ों से चुनाव लड़ाया जा रहा है, जहाँ से वे पहले भी चुने जा चुके हैं। इसके अलावा, पार्टी ने अपने कुल 66 मौजूदा विधायकों में से 46 को भी टिकट दिया है।
अन्नाद्रमुक के लिए इसे 'करो या मरो' की लड़ाई माना जा रहा है। वर्ष 2019 के बाद से सभी चुनाव हार चुकी यह पार्टी, इस हार के सिलसिले को तोड़कर तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और वह इस चुनाव को हल्के में नहीं ले रही है। इसलिए, पार्टी ने ऐसे लोकप्रिय चेहरों और कद्दावर नेताओं को मैदान में उतारा है, जिन्होंने दिवंगत नेता जे. जयललिता और श्री पलानीस्वामी के कार्यकाल के दौरान मंत्री के रूप में कार्य किया है। ये उम्मीदवार उन सीटों से चुनाव लड़ेंगे जिन्हें उनके पारंपरिक गढ़ माना जाता है, और जहाँ से वे कई बार जीत हासिल कर चुके हैं।
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