चेन्नई , अक्टूबर 15 -- अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के मंत्रियों के खिलाफ शिकायत की।
पार्टी ने आरोप लगाया कि मंत्रियों के यह बयान कि अन्नाद्रमुक के और विधायक पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ दल में शामिल होने वाले हैं, दलबदल और विधायकों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा दे रहे हैं। पार्टी ने इसके समर्थन में अपने छह विधायकों के इस्तीफे का भी उल्लेख किया।
अन्नाद्रमुक के सचेतक एवं पूर्व मंत्री एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की और विपक्षी दल के विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए कथित तौर पर प्रोत्साहित करने वाले मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। यह शिकायत अन्नाद्रमुक के छह विधायकों के इस्तीफे और उसके बाद उनके टीवीके में शामिल होने के फैसले से राज्य में बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच की गयी है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए श्री कृष्णमूर्ति ने आरोप लगाया कि मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन और आधव अर्जुन के बयानों ने विधायकों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विशेष रूप से सेंगोट्टैयन के उस कथित बयान का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि अन्नाद्रमुक के 15 विधायक सत्तारूढ़ दल में शामिल होंगे।
अन्नाद्रमुक नेता ने कहा कि इस तरह के बयान विपक्षी दल के विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिशों का संकेत देते हैं। उन्होंने राज्यपाल से संबंधित मंत्रियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
श्री कृष्णमूर्ति ने टीवीके सरकार पर तमिलनाडु में बिजली की कृत्रिम कमी पैदा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने 35 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने पर सवाल उठाते हुए इसमें भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। अन्नाद्रमुक ने राज्यपाल से इस मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में टीवीके में शामिल हुए अन्नाद्रमुक के छह विधायकों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। इनमें से दो विधायक छह अक्टूबर को हुए उपचुनाव में टीवीके के टिकट पर चुनाव जीतकर फिर से विधानसभा पहुंचे हैं।
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