चेन्नई , मार्च 27 -- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया में अन्नाद्रमुक ने भाजपा को मुख्य रूप से दक्षिणी जिलों के उन निर्वाचन क्षेत्रों तक सीमित कर दिया है जहां इस द्रविड़ दल को कमजोर माना जाता है।
दक्षिणी जिलों की कुल 58 सीटों में से अन्नाद्रमुक 39 पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शेष 19 सीटों पर उसके सहयोगी चुनावी मैदान पर ताल ठोकेंगे, जिनमें भाजपा की 12 सीटें, एएमएमके की चार, टीएमसी की 2 औऱ टीएमएमके की एक सीट शामिल है। भाजपा जिन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, उनके राजनीतिक रूप से कठिन क्षेत्रों में होने की वजह से उसके खेमें में असंतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, क्योंकि भाजपा को दी गई कुल 27 सीटों में से बड़ा हिस्सा यानी 17 सीटें दक्षिणी और डेल्टा जिलों में आती हैं।
चेन्नई में, जहां 16 विधानसभा क्षेत्र हैं और भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों तथा पिछले लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था, उसे केवल एक सीट 'मायलापुर' से संतोष करना पड़ा है। यहां से पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तथा भाजपा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तमिलिसाई सुंदरराजन के चुनाव लड़ने की संभावना है। दो अन्य सीटें - पेराम्बूर (जहां अभिनेता और टीवीके संस्थापक विजय के चुनाव लड़ने की संभावना है) पीएमके को, और साइदापेट टीटीबी दिनाकरण की एएमएमके को देने के बाद, शेष सीटों पर अन्नाद्रमुक स्वयं चुनाव लड़ रही है।
कोयंबटूर जिले में अपनी पसंद के दो निर्वाचन क्षेत्रों-कवुंडमपालयम और सिंगनल्लूर - में से कोई भी पार्टी को आवंटित न होने से नाराज भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कथित तौर पर चुनाव की दौड़ से बाहर होने का निर्णय लिया है। भाजपा को दी गयी सीटों से निराश होकर वह इसे एक "बुरा सौदा" मान रहे हैं और पता चला है कि उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की है। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी से नेता बने श्री अन्नामलाई इस बात से भी खफा हैं कि राष्ट्रीय पार्टी की हिस्सेदारी अन्य दो घटकों की सीटें तय होने के बाद निर्धारित की गई।
श्री अन्नामलाई ने 2021 के चुनाव में उन्होंने अपने पैतृक जिले करूर की अरवाकुरिची सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन द्रमुक से हार गए थे। इसी तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्होंने सिंगनल्लूर या कवुंडमपालयम सीट मांगी थी, लेकिन उन्हें द्रमुक के कब्जे वाली तिरुप्पुर दक्षिण से लड़ने के लिए मनाया जा रहा है।
अन्नाद्रमुक ने जहां अपनी वर्तमान विधायकों वाली सीटें देने से इनकार कर दिया है, वहीं भाजपा को अपनी चार वर्तमान सीटों में से दो छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। कोयंबटूर दक्षिण से कम अंतर से जीतने वाली भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन के कोयंबटूर उत्तर जाने की संभावना है।
भाजपा में मचे इस घमासान के बीच अन्नाद्रमुक ने कोयंबटूर जिले में अपना गढ़ 'अविनाशी' छोड़ दिया है, जहां केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन संभावित उम्मीदवार हैं। हालांकि, पार्टी ने तिरुनेलवेली सीट अपने पास रख ली है, जिसका प्रतिनिधित्व वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन कर रहे हैं। श्री नागेंद्रन अब दक्षिणी शिवगंगा के पास सत्तूर या विरुधुनगर जिले की ओर रुख करेंगे। उम्मीदवारों की अनंतिम सूची, जिसे बी.एल. संतोष की अध्यक्षता वाली बैठक में तय किया गया था, अनुमोदन के लिए पार्टी आलाकमान को भेज दी गई है।
नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होने में केवल दो दिन शेष हैं, ऐसे में उम्मीदवारों की सूची आज या कल नयी दिल्ली में जारी होने की उम्मीद है। पश्चिमी क्षेत्र में, जिसे 'कोंगु बेल्ट' और अन्नाद्रमुक का गढ़ माना जाता है, कोयंबटूर जिले की कुल 10 सीटों में से नौ पर अन्नाद्रमुक चुनाव लड़ेगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जी.के. वासन के नेतृत्व वाली तमिल मानिला कांग्रेस (टीएमसी-एम) को आवंटित पांच सीटें भी कठिन मानी जा रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित