चेन्नई , फरवरी 16 -- तमिलनाडु सरकार ने औद्योगिक विकास को एक बड़ा प्रोत्साहन देते हुए सोमवार को जापान स्थित एनएमबी (माइनबिया इंडिया लिमिटेड) और एक्वस ग्रुप के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये।

इस एमओयू में राज्य में अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए 5,980 करोड़ रुपये का निवेश एवं 8,400 नौकरियों की पेशकश की गई है जिससे औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को और गति मिलने का अनुमान है। एनएमबी राज्य के तिरुवल्लूर जिले में अपना सेमीकंडक्टर, विद्युत उपकरण निर्माण और अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने के लिए 1,900 करोड़ रुपये का निवेश करेगा जिससे 1,400 लोगों के लिए रोजगार सृजित होगा।

एनएमबी महिंद्रा ओरिजिन इंडस्ट्रियल पार्क में अपना एक संयंत्र स्थापित करेगा जहां सेमीकंडक्टर, इंटीग्रेटेड सर्किट और एक अनुसंधान एवं विकास सुविधा के लिए आईजीबीटी (इंसुलेटेड-गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर) का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही उच्च कुशल कर्मचारियों को 40 प्रतिशत नौकरियां देने की बात कही गयी है।

इक्वस ग्रुप तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में स्थित सूलागिरी एसआईपीसीओटी औद्योगिक क्षेत्र में अपना संयंत्र स्थापित करने के लिए 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, ताकि एयरोस्पेस एवं रक्षा उत्पादन समूहों के लिए विमान मशीनरी और गियरबॉक्स का निर्माण किया जा सके, जिससे 7,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, उद्योग मंत्री टी.आर.बी. राजा तथा दोनों कंपनियों के अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि तमिलनाडु भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और विनिर्माण एवं निर्यात सहित विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी राज्य है। वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, तमिलनाडु औद्योगिक विकास में अग्रणी राज्य है और निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजित करने, विशेष रूप से महिलाओं के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

राज्य ने सभी विकास सूचकांकों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है और सत्ताधारी द्रमुक के कार्यकाल में दूसरी बार दोहरे अंकों की वृद्धि दर प्राप्त की है। राज्य भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, जिसकी पुष्टि स्वयं केंद्र सरकार ने की है।

इसमें यह भी कहा गया कि सरकार युवाओं के लिए ज्यादा रोजगार के अवसर उत्पन्न करने और ज्यादा निवेश आकर्षित करके 2030 तक तमिलनाडु को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कई पहल कर रही है।

कुछ दिन पहले कन्वर्जन कॉन्क्लेव में श्री स्टालिन ने कहा था कि 2021 में जब उनकी सरकार सत्ता में आयी थी, तब से 1,179 परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनके जरिये 12.37 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित किया गया है और 36.52 लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 7.91 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 867 परियोजनाएं शुरू की गई हैं और 17.84 लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।

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