चेन्नई , अप्रैल 22 -- तमिलनाडु के तिरुवन्नामलई जिले के चेय्यार में एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
इस घटना पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने बुधवार को मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से पांच दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांचीपुरम जिले की रहने वाली यह किशोरी चेय्यार में अपनी दादी के घर रह रही थी। घटना के बाद पीड़िता ने अपनी दादी को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। किशोरी को चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए कांचीपुरम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने दोषियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तीन लोगों से पूछताछ की। हालांकि, पुलिस ने आज केवल एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि इस अपराध में केवल एक व्यक्ति शामिल था, न कि सामूहिक दुष्कर्म जैसा कि पहले बताया गया था।
आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और उसके खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने इस बर्बर कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नाबालिग लड़कियों के खिलाफ हिंसा मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। उन्होंने तमिलनाडु के डीजीपी को निर्देश दिया है कि वह बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करना, सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करें। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार को चिकित्सा, परामर्श और सुरक्षा सहायता प्रदान करने को कहा है।
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