चेन्नई , अप्रैल 01 -- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में महिला प्रतिनिधित्व एक अहम मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आया है। प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारना राजनीति में समावेशी भागीदारी की दिशा में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), जो 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, ने 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 18 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इनमें पार्टी की दो मौजूदा मंत्रियों में से भी एक शामिल हैं। हालांकि संख्या अभी सीमित है, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने भविष्य में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
वहीं, विपक्षी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक), जो 167 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, ने 19 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिनमें दो पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। पार्टी ने अनुभव और लैंगिक संतुलन दोनों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।
अभिनेता से राजनेता बने श्री विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके), जो अपने पहले चुनाव में सभी 234 सीटों पर लड़ रही है, ने 23 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इनमें से 8 उम्मीदवार आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ रही हैं, जो सामाजिक विविधता को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश को दर्शाता है।
नाम तमिलर काची (एनटीके) ने लैंगिक समानता के अपने सिद्धांत पर कायम रहते हुए सबसे अधिक 117 महिला उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी की 50:50 प्रतिनिधित्व नीति उसे अन्य दलों से अलग बनाती है।
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