चेन्नई , जनवरी 20 -- तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर राज्य के साथ 'सौतेली मां वाला रवैया' अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेट्रो रेल जैसी परियोजनाओं के लिये निधि जारी करने में भी देरी की जा रही है।
राज्यपाल आर एन रवि ने नववर्ष पर होने वाले अपने सालाना विधानसभा भाषण में कहा कि गंभीर वित्तीय बाधाओं के बावजूद तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई मेट्रो रेल फेज़-2 परियोजना का काम जारी रखने के लिये अपने संसाधनों से निधि इस उम्मीद से जारी कर दी कि केंद्र सरकार समय से अपना हिस्सा जारी कर देगा। इसके बावजूद, केंद्र सरकार ने बीते दो सालों में निधि जारी करने में देरी की है, जिससे राज्य की अन्य विकास योजनाओं का काम प्रभावित हुआ है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के कई अनुरोधों के बाद केंद्र सरकार ने चेन्नई मेट्रो रेल फेज़-2 में 50 प्रतिशत आर्थिक मदद देने का वादा किया है। श्री रवि ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अपने हिस्से की निधि समय पर जारी कर देती है तो यह परियोजना समय से पहले पूरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने कोयंबटूर और मदुरै में बढ़ती आबादी को देखते हुए दोनों शहरों के लिये मेट्रो रेल परियोजना प्रस्तावित की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने यह कहते हुए इसे खारिज कर दिया कि दोनों शहरों की आबादी 20 लाख से कम थी। उन्होंने कहा कि कोयंबटूर और मदुरै दूसरे राज्यों के उन शहरों से बड़े हैं, जिनकी मेट्रो परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गयी थी, लेकिन राज्य के इन शहरों की मेट्रो रेल परियोजनाओं को अस्वीकार कर सरकार ने यह साफ़ कर दिया कि वह मेट्रो रेल परियोजनाओं के मामले में भी तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
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