चेन्नई , अक्टूबर 14 -- सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी निदेशालय (डीवीएसी) ने बुधवार को मद्रास उच्च न्यायालय को बताया कि द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता एवं तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ईवी वेलु और उनके बेटे ईवी कुमारन के खिलाफ कोई 'लुकआउट नोटिस' जारी नहीं किया गया है।
यह मामला पिछले साल दिसंबर में पार्टी के उत्तर क्षेत्र युवा शाखा सम्मेलन के लिए जगह को समतल करने के मकसद से उनके गृह जिले तिरुवन्नामलाई में झील की तलहटी से सामग्री की कथित अवैध खुदाई से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति वी लक्ष्मीनारायणन ने श्री वेलु एवं उनके बेटे की ओर से उनके खिलाफ कथित तौर पर जारी लुकआउट नोटिस को रद्द करने की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ कोई 'लुकआउट नोटिस' जारी नहीं किया गया था। अभियोजन पक्ष ने उनके बेटे कुमारन की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए भी समय मांगा।
न्यायमूर्ति ने इस बयान को दर्ज करते हुए वेलु की याचिका का निपटारा कर दिया और कुमारन की याचिका पर सुनवाई कल तक के लिए टाल दी।
इस बीच पिता-पुत्र की जोड़ी ने गिरफ्तारी की आशंका में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने गत नौ अक्टूबर को डीवीएसी को मौखिक रूप से निर्देश दिया था कि वे झील की तलहटी से सामग्री निकालने के मामले में प्राथमिकी के संबंध में 15 अक्टूबर तक उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करें और मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर के लिए तय की थी।
आरोप है कि झील के लगभग आठ एकड़ हिस्से से करीब 45,72,058 क्यूबिक फ़ीट रेत निकाली गयी, जिससे राज्य के खजाने को 8.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शिकायत के आधार पर डीवीएसी ने वेलु, उनके बेटे, अन्य सरकारी कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ़ बिना इजाज़त खुदाई करने के आरोप में मामला दर्ज किया।
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