चेन्नई , अगस्त 24 -- चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया कि लंबित चुनावी याचिकाओं का निपटारा होने तक तमिलनाडु की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कार्यक्रम घोषित करने की उसकी कोई योजना नहीं है।

इस बीच, तमिलनाडु सरकार के विधानसभा में इन सीटों का प्रतिनिधित्व न होने का हवाला देते हुए सुनवाई में तेजी लाने का अनुरोध किये जाने के बाद न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी किया।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की पीठ ने दक्षिणी तिरुनेलवेली जिले के पालायमकोट्टै निवासी वेंकटाचलपति की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को आठ सितंबर तक उपचुनाव कराने से रोकने वाली अंतरिम रोक को भी बढ़ा दिया।

न्यायालय ने 10 जुलाई की पिछली सुनवाई में चुनाव आयोग, केंद्र सरकार, विधानसभा सचिव और मुख्यमंत्री विजय को नोटिस जारी कर जवाब मांगते हुए उपचुनावों पर लगी रोक 24 अगस्त तक बढ़ा दी थी।

इसके बाद करूर के पूर्व विधायक एमआर विजयभास्कर और करूर के पूर्व विधायक सी विजयभास्कर ने इस रोक को हटाने की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की थीं।

त्रिची ईस्ट, करूर, अंबासमुद्रम, विरालीमलाई और पेरुंदुरई विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा पर रोक लगायी गयी थी, हालांकि मदुरंतकम और धारापुरम सहित सात सीटें खाली हुई थीं।

जब आज इस मामले पर सुनवाई हुई, तो चुनाव आयोग ने एक जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसमें कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, जब तक चुनावी याचिकाओं का निस्तारण नहीं हो जाता, वह इन पांच सीटों के लिए उपचुनाव घोषित करने का इरादा नहीं रखता है।

इस बीच, तमिलनाडु सरकार ने न्यायालय से सुनवाई में तेजी लाने का आग्रह करते हुए कहा कि इन पांचों विधानसभा क्षेत्रों में फिलहाल कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है।

पीठ ने त्रिची ईस्ट से श्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले द्रमुक के पराजित उम्मीदवार इनिगो इरुदयाराज और अन्य को अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया तथा मामले की सुनवाई आठ सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

इन सात सीटों में से छह पर अन्नाद्रमुक का कब्जा था और एक सीट श्री विजय के पास थी, जो सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। विधानसभा सचिवालय ने इन सभी सात सीटों को रिक्त अधिसूचित कर दिया था और चुनाव आयोग को भी सूचित कर दिया था, जिससे इन सीटों पर उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया था। इन पांच सीटों से चुने गए उम्मीदवारों की जीत को चुनौती देते हुए हालांकि याचिकाएं दायर की गयी थीं।

त्रिची ईस्ट सीट श्री विजय के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिन्होंने दो सीटों से जीत हासिल की थी और चेन्नई की पेरम्बूर सीट को अपने पास रखने का फैसला किया था। वहीं अंबासमुद्रम सीट निवर्तमान विधायक इसाक्की सुब्बैया के इस्तीफे से और पेरुंदुरई सीट विधायक एस जयकुमार के पद छोड़ने के बाद खाली हुई। करूर और विरालीमलाई सीटें क्रमशः अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्रियों और तत्कालीन विधायकों एम.आर. विजयभास्कर तथा डॉ. सी. विजयभास्कर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थीं। मदुरंतकम और धारापुरम सीटें अन्नाद्रमुक विधायक मरगथम कुमारवेल और पी सत्यभामा के अपने पदों से हटने के बाद खाली हुई थीं।

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