चेन्नई , जनवरी 31 -- ग्रामीण महिला उद्यमिता कार्यक्रम 'प्रोजेक्ट नेत्री' के पहले चरण का समापन हो गया। यह परियोजना 'विमेन अप तमिलनाडु' एवं 'इम्पैक्ट्री लाइवलीहुड फाउंडेशन' की यह संयुक्त पहल में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को विकासोन्मुख बनाने में मदद करती है।
शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में पहले चरण की समाप्ति की घोषणा के साथ ही कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत भी हुआ। इसका उद्देश्य पूरे तमिलनाडु में इसके प्रभाव का विस्तार करना है।
तमिलनाडु में ग्रामीण महिलाओं को छोटे काम-काज से निकालकर बड़े बिजनेस की ओर ले जाने के लिए 'प्रोजेक्ट नेत्री' के पहले चरण में सरकार, सामाजिक संस्थाओं और व्यवसाय जगत के 100 से अधिक हितधारक एक साथ आये। मुख्य रूप से मदुरई और थूथुकुडी जिलों में इसे लागू किया गया।
इसमें भाग लेने वाली लगभग 50 फीसदी महिलाओं के ग्राहकों और व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई। 58 फीसदी महिलाओं ने ब्रांडिंग और व्यापार बढ़ाने को लेकर पहले से अधिक आत्मविश्वास महसूस किया।
इतना ही नहीं इस पहल के जरिये महिलाओं ने डिजिटल टूल्स अपनाये और नये बाजारों तक अपनी पहुंच बनायी।
'विमेन अप तमिलनाडु' की संस्थापक डॉ. वल्ली अरुणाचलम के अनुसार, तमिलनाडु में महिलाएं बिजनेस शुरू तो कर लेती हैं, लेकिन उसे बड़े स्तर पर ले जाने में पीछे रह जाती हैं। 'प्रोजेक्ट नेत्री' इसी 'मिसिंग लिंक' पर काम करता है। यह महिलाओं को व्यापार के शुरुआती 18-24 महीनों में मदद देता है, ताकि वे अपने उत्पाद की ब्रांडिंग और सही कीमत तय कर सकें।
'प्रोजेक्ट नेत्री' के दूसरे चरण की थीम 'गहराई के साथ विस्तार' रखी गई है। इस चरण में तीन जिलों की 1,000 से अधिक महिला उद्यमियों तक पहुंचने का लक्ष्य है। जिला स्तर पर विशेष 'एंटरप्राइज फेलो' नियुक्त किये जायेंगे और महिलाओं के आपसी नेटवर्क को मजबूत किया जायेगा। महिलाओं को लीडरशिप और उन्नत व्यापार का सघन प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके अलावा महिलाओं को बड़े बाजारों और संसाधनों से जोड़ा जायेगा, ताकि वे मिलकर अपना विकास कर सकें।
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