नयी दिल्ली , जुलाई 17 -- देश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत शुक्रवार से तमिलनाडु और त्रिपुरा में भी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए स्व-गणना की सुविधा शुरू हो गयी ।

गृह मंत्रालय ने वक्तव्य जारी कर कहा कि इन राज्यों में यह सुविधा 31 जुलाई तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद एक अगस्त से 30 अगस्त तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर क्षेत्रीय गणना का कार्य किया जायेगा। इन राज्यों के निवासी आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर सकते हैं। स्व-गणना पूरी होने पर प्राप्त पहचान संख्या को सुरक्षित रखें तथा प्रगणक के आने पर उन्हें उपलब्ध कराएं, ताकि प्रक्रिया सुगमता से पूरी की जा सके।

इस बीच, केरल और नागालैंड में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य जारी है, जो 30 जुलाई तक चलेगा। जिन परिवारों ने स्व-गणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर कवर किया जायेगा।

अब तक जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 29 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड शामिल हैं।

जनगणना 2027 पहली बार व्यापक स्तर पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए की जा रही है। आंकड़ों का संकलन समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि पूर्ण एवं सटीक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी यथावत रखी गयी है। इस चरण में अधिसूचित 33 प्रश्नों वाली प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवार संबंधी विवरण, उपलब्ध सुविधाओं तथा परिवारों के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है।

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